हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू
EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) से जुड़े लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। 1 अप्रैल 2026 से नया Form 121 लागू हो गया है, जिसने अब तक इस्तेमाल हो रहे Form 15G और Form 15H की जगह ले ली है। यह बदलाव नए Income-tax Act, 2025 के लागू होने के साथ किया गया है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अनुसार, इस नए फॉर्म का उद्देश्य प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना है।
एक ही फॉर्म से होगा पूरा काम
पहले 60 वर्ष से कम उम्र के लोगों को Form 15G और वरिष्ठ नागरिकों को Form 15H भरना पड़ता था। अब इन दोनों की जगह केवल Form 121 भरना होगा। इससे प्रक्रिया आसान हो गई है और अलग-अलग फॉर्म भरने की जरूरत खत्म हो गई है।
किन लोगों के लिए जरूरी है Form 121?
Form 121 उन व्यक्तियों के लिए है जिनकी कुल सालाना आय टैक्स के दायरे में नहीं आती और जिनकी टैक्स देनदारी शून्य है। इसमें भारत में रहने वाले सभी व्यक्ति, चाहे उनकी उम्र 60 साल से कम हो या ज्यादा, शामिल हैं। इसके अलावा HUF (हिंदू अविभाजित परिवार) और अन्य पात्र लोग भी यह फॉर्म भर सकते हैं।
कौन नहीं भर सकता यह फॉर्म?
यह फॉर्म कंपनियों, फर्मों और NRI (गैर-निवासी भारतीयों) पर लागू नहीं होता। ऐसे लोग इस सुविधा का लाभ नहीं ले सकते।
क्या है Form 121 की खासियत?
Form 121 एक सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म है, जिसमें व्यक्ति यह घोषणा करता है कि उसकी आय टैक्स सीमा से कम है। इसे जमा करने पर बैंक, EPFO या अन्य वित्तीय संस्थाएं TDS नहीं काटेंगी, बशर्ते व्यक्ति पात्र हो।
UIN नंबर से बढ़ेगी पारदर्शिता
हर Form 121 के साथ एक यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN) दिया जाएगा। इसमें सीरियल नंबर, टैक्स वर्ष और TAN जैसी जानकारी शामिल होगी, जिससे ट्रैकिंग आसान होगी।
पुराने फॉर्म का क्या होगा?
यदि किसी ने 1 अप्रैल 2026 के बाद भी Form 15G या 15H जमा किया है, तो उसे तुरंत अस्वीकार नहीं किया जाएगा। हालांकि, बाद में Form 121 जमा करना अनिवार्य होगा।
यूजर-फ्रेंडली और स्मार्ट प्रक्रिया
नया फॉर्म पहले से ज्यादा आसान है। इसमें ऑटो-फिल सुविधा, एरर चेक, ड्रॉपडाउन ऑप्शन और आसान वेरिफिकेशन जैसी सुविधाएं दी गई हैं, जिससे फाइलिंग प्रक्रिया तेज और सरल हो गई है।
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