हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़, 22 अप्रैल 2026। संसद में 16 और 17 अप्रैल को हुए घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने “महिला जन आक्रोश पद यात्रा” और प्रेस वार्ता का आयोजन कर विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी को केंद्र में रखते हुए भाजपा नेताओं ने इसे महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई बताया।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता जिला पंचायत अध्यक्ष विजय सिंह ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी के साथ अन्याय किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम का रुख महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच को दर्शाता है।
उन्होंने जानकारी दी कि 24 और 25 अप्रैल को जिला केंद्र पर महिला जन आक्रोश मार्च निकाला जाएगा, जिसकी दूरी लगभग 2.5 किलोमीटर होगी। इसके अलावा जिले के 27 मंडलों और महानगर के 8 मंडलों में भी यह मार्च आयोजित किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह और महानगर अध्यक्ष राजीव शर्मा समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष का आचरण लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ रहा।
वक्ताओं ने नरेंद्र मोदी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को नीति निर्माण में भागीदारी देना उनका अधिकार है, कोई उपकार नहीं। साथ ही अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा गया कि परिसीमन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष होगी और किसी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा।
कार्यक्रम का संचालन जिला उपाध्यक्ष अवध सिंह बघेल ने किया। इस अवसर पर पूर्व मेयर शकुंतला भारती, शहर विधायक मुक्ता संजीव राजा, डॉ. अम्बिका सिंह, कमल अग्रवाल, सरिता महेश्वरी, अनीता सिंह, देवेन्द्र राजपूत, डॉली पाराशर और सीमा गौतम सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भाजपा नेताओं ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन” से जुड़े प्रावधानों में बाधा डालना महिलाओं के अधिकारों को टालने जैसा है। उन्होंने दावा किया कि देश की महिलाएं अब जागरूक हैं और आने वाले समय में अपने मताधिकार के जरिए ऐसे दलों को जवाब देंगी, जो उनके अधिकारों के मार्ग में रुकावट बनते हैं।













