हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुंचा प्रस्ताव
अमेरिकी हमले की आशंकाओं के बीच ईरान ने अमेरिका को परमाणु समझौते के लिए नया और अहम प्रस्ताव भेजा है। ईरानी न्यूज एजेंसी के मुताबिक यह प्रस्ताव पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिए भेजा गया। बताया जा रहा है कि इस मसौदे को रूस और ओमान के साथ चर्चा के बाद अंतिम रूप दिया गया है। अंतिम फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लेंगे।
IRGC और शीर्ष नेतृत्व की भूमिका
यह प्रस्ताव ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची द्वारा तैयार किया गया है, जिसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की सलाह भी शामिल है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई खुद इस प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने होर्मुज को लेकर किसी भी तरह के समझौते पर सख्त रुख अपनाया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर शर्तें
ईरान ने प्रस्ताव में 34 किमी लंबे होर्मुज जलडमरूमध्य को अपनी शर्तों पर खोलने की बात कही है। उसकी मांग है कि पहले अमेरिका अपनी नाकाबंदी हटाए। साथ ही, ईरान ने इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर टोल वसूलने का अधिकार भी मांगा है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत का प्रस्ताव
ईरान ने परमाणु मुद्दे पर बातचीत की इच्छा जताई है। वह 10 वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन रोकने को तैयार है, जबकि अमेरिका इसे कम से कम 20 वर्षों तक लागू करना चाहता है। नए प्रस्ताव में इस समयसीमा को लेकर समझौते की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
आर्थिक पाबंदियां हटाने की मांग
प्रस्ताव में आर्थिक प्रतिबंध हटाने की भी बात शामिल है। ईरान ने शुरुआती चरण में 100 अरब डॉलर की राहत राशि की मांग की है, ताकि वह अपने देश में राहत और पुनर्निर्माण कार्य कर सके।
सहमति के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रस्ताव पर सहमति बनने के बाद ही औपचारिक वार्ता शुरू होगी। ईरान की ओर से संसद स्पीकर गालिबाफ इस प्रक्रिया का नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि अमेरिका ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को जिम्मेदारी सौंपी है।
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