हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की रणनीतिक पहल
प्रधानमंत्री Narendra Modi 15 से 20 मई 2026 तक UAE, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के दौरे पर रहेंगे। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब दुनिया पश्चिम एशिया तनाव, ऊर्जा संकट, सप्लाई चेन बाधाओं और नई तकनीकी प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। माना जा रहा है कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत की वैश्विक रणनीतिक और आर्थिक साझेदारियों को मजबूत करना है।
UAE में ऊर्जा सुरक्षा और निवेश पर जोर
पीएम मोदी अपने दौरे की शुरुआत UAE से करेंगे, जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति Mohamed bin Zayed Al Nahyan से होगी। बातचीत का मुख्य फोकस ऊर्जा सुरक्षा, तेल आपूर्ति और निवेश सहयोग रहेगा। UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। इसके अलावा वहां रह रहे 45 लाख से अधिक भारतीयों से जुड़े मुद्दे भी चर्चा में शामिल होंगे।
नीदरलैंड्स में सेमीकंडक्टर और ग्रीन हाइड्रोजन पर चर्चा
15 से 17 मई तक पीएम मोदी नीदरलैंड्स के दौरे पर रहेंगे। यहां उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री Rob Jetten, किंग Willem-Alexander और क्वीन Máxima Zorreguieta से होगी। दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, रक्षा, सुरक्षा और जल प्रबंधन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा।
स्वीडन और नॉर्वे में टेक्नोलॉजी व ग्रीन ट्रांजिशन पर फोकस
17-18 मई को पीएम मोदी स्वीडन के गोथेनबर्ग में प्रधानमंत्री Ulf Kristersson से मुलाकात करेंगे। यहां AI, स्पेस, स्टार्टअप और ग्रीन टेक्नोलॉजी सहयोग प्रमुख मुद्दे रहेंगे। इसके बाद 18-19 मई को पीएम मोदी पहली बार नॉर्वे जाएंगे, जहां प्रधानमंत्री Jonas Gahr Støre के साथ ब्लू इकॉनमी, निवेश और रिसर्च सहयोग पर चर्चा होगी।
इंडिया-नॉर्डिक समिट और इटली दौरे का महत्व
19 मई को ओस्लो में तीसरा इंडिया-नॉर्डिक समिट आयोजित होगा। इसमें नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के प्रधानमंत्री शामिल होंगे। दौरे के अंतिम चरण में पीएम मोदी इटली जाएंगे, जहां प्रधानमंत्री Giorgia Meloni और राष्ट्रपति Sergio Mattarella से मुलाकात करेंगे। रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और निवेश सहयोग इस यात्रा के प्रमुख मुद्दे रहेंगे।
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