नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : संसद के मानसून सत्र में अब सिर्फ दो कामकाजी दिन बचे हैं और FCRA संशोधन तथा
परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयकों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध बरकरार
है। सरकार दोनों विधेयकों को आगे बढ़ाने की कोशिश में जुटी है, जबकि विपक्ष FCRA विधेयक को
संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने या वापस लेने की मांग कर रहा है।
लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा और
गृह मंत्री अमित शाह के जवाब पर सहमति बनी। हालांकि FCRA और परिसीमन विधेयकों पर कोई
अंतिम फैसला नहीं हुआ। सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनाने के लिए गिव-एंड-टेक का रास्ता
तलाशा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार सरकार FCRA विधेयक को JPC के पास भेजने या इसमें कुछ संशोधन करने पर
विचार कर सकती है। इसके बदले परिसीमन विधेयक पर विपक्षी दलों का समर्थन हासिल करने की
कोशिश हो सकती है। कांग्रेस और डीएमके समेत कई विपक्षी दल FCRA विधेयक का विरोध कर रहे
हैं।
परिसीमन विधेयक को लेकर भी सरकार ने राजनीतिक दलों से बातचीत तेज कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी की एनसीपी (शरद पवार) के सांसदों से मुलाकात को भी इसी प्रयास से जोड़कर देखा जा रहा है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या बचे दो दिनों में दोनों विधेयकों पर सहमति बनेगी या फिर इन्हें
शीतकालीन सत्र तक टालना पड़ेगा।













