हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
594 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे पर लागू हुई नई व्यवस्था
मेरठ से प्रयागराज तक बने 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे पर अब मुफ्त सफर का दौर समाप्त हो गया है। शासन की ओर से दी गई 15 दिनों की फ्री राइड गुरुवार को खत्म हो रही है और 14 मई की रात 12 बजे से टोल टैक्स की वसूली शुरू कर दी जाएगी। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने सभी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर टोल दरों की सूची भी लगा दी है।
‘जितना चलेंगे, उतना देंगे’ के आधार पर कटेगा टोल
गंगा एक्सप्रेस-वे पर टोल वसूली मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) तकनीक के जरिए की जाएगी। वाहन चालकों को प्रवेश के समय रुकना नहीं पड़ेगा। हाईटेक कैमरे और सेंसर वाहनों को स्कैन कर एंट्री दर्ज करेंगे। टोल राशि केवल निकास के समय फास्टैग के जरिए कटेगी। यानी यात्री जितनी दूरी तय करेंगे, उतना ही भुगतान करना होगा। वर्तमान में एक्सप्रेस-वे पर रोजाना 12 से 14 हजार वाहन गुजर रहे हैं और यहां अधिकतम गति सीमा 120 किमी प्रति घंटा तय की गई है।
इतनी हो सकती हैं टोल दरें
प्रारंभिक दरों के अनुसार कार और जीप के लिए 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर टोल तय किया गया है। मेरठ से प्रयागराज तक पूरे सफर का खर्च करीब 1515 से 1800 रुपये तक हो सकता है। वहीं बस और ट्रक के लिए 8.20 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से लगभग 5700 रुपये तक टोल देना पड़ सकता है। दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
प्रमुख रूट्स पर संभावित टोल
मेरठ से सिंभावली तक कार का टोल करीब 90 रुपये, स्याना तक 205 रुपये और हसनपुर तक 255 रुपये रहेगा। संभल के लिए लगभग 345 रुपये, चंदौसी के लिए 400 रुपये और बदायूं तक 435 रुपये टोल देना पड़ सकता है।
दो कंपनियों के जिम्मे संचालन
एक्सप्रेस-वे का निर्माण आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर और अडानी ग्रुप ने मिलकर किया है। मेरठ से बदायूं तक का हिस्सा आईआरबी देखेगी, जबकि बाकी हिस्से का संचालन अडानी समूह के पास रहेगा। यात्रियों का टोल एक ही बार कटेगा और सॉफ्टवेयर के जरिए दोनों कंपनियों में बांट दिया जाएगा।
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