अलीगढ़, संवाददाता।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़
जनगणना कार्य के दौरान अलीगढ़ जिले के लोधा ब्लॉक स्थित एक गाँव से गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार,जनगणना कार्य के एक मास्टर ट्रेनर ने अपने निवास पर आए प्रगणकों से बातचीत की, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि वे जनगणना प्रपत्र के प्रश्न संख्या 10 में परिवार के सदस्यों की संख्या दर्ज करते समय बच्चों को शामिल नहीं कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जनगणना प्रपत्र में कुल 34 प्रश्न हैं, जिनमें प्रश्न संख्या 10 परिवार में रहने वाले कुल सदस्यों से संबंधित है। किंतु कुछ प्रगणकों द्वारा केवल वयस्क सदस्यों की संख्या दर्ज की जा रही है और बच्चों को गणना से बाहर रखा जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह जनगणना प्रक्रिया में अत्यंत गंभीर त्रुटि मानी जाएगी, क्योंकि इससे सरकारी आँकड़ों की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
मास्टर ट्रेनर ने इस विषय को गंभीर बताते हुए कहा कि जनगणना के आँकड़ों के आधार पर ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएँ बनाई जाती हैं। यदि बच्चों की सही संख्या दर्ज नहीं होगी, तो भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं अन्य योजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
स्थानीय स्तर पर यह मांग उठाई गई है कि जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारी तत्काल इस मामले का संज्ञान लें तथा सभी प्रगणकों को पुनः स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ, ताकि जनगणना में प्रत्येक सदस्य — विशेषकर बच्चों — का सही विवरण दर्ज हो सके।
लोगों का कहना है कि “सही जनगणना ही सही जनकल्याण की आधारशिला है।” ऐसे में डेटा संग्रहण में किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर सकती है।
जिला अधिकारी अलीगढ़ से मामले में उचित जांच एवं आवश्यक कार्यवाही की अपेक्षा की जा रही है, जिससे जनगणना का कार्य पारदर्शी एवं त्रुटिरहित तरीके से संपन्न हो सके।














