हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
संशोधित विधेयक में महिलाओं को 33% और दलितों को 20% आरक्षण देने की तैयारी
नई दिल्ली। केंद्र सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयक को नए स्वरूप में फिर से संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सरकार इस संवैधानिक संशोधन विधेयक का नया मसौदा तैयार कर रही है, जिसमें महिलाओं को 33 प्रतिशत तथा दलितों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान शामिल किया जा सकता है। हालांकि, इसे आगामी मानसून सत्र में पेश किया जाएगा या नहीं, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
क्या है परिसीमन और महिला आरक्षण का प्रस्ताव?
परिसीमन का अर्थ लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण करना है। जनसंख्या और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर यह प्रक्रिया अपनाई जाती है। केंद्र सरकार की योजना परिसीमन के बाद महिला आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू करने की है।
सरकार पहले ही महिला आरक्षण से संबंधित कानून पारित कर चुकी है, जिसके तहत संसद और विधानसभाओं की 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। अप्रैल 2026 में पेश किए गए परिसीमन विधेयक में लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि, संशोधित विधेयक में सीटों की संख्या को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के मौजूदा आरक्षण ढांचे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
दो-तिहाई बहुमत सबसे बड़ी बाधा
अप्रैल 2026 में जब यह विधेयक लोकसभा में मतदान के लिए आया था, तब इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े थे। चूंकि यह संवैधानिक संशोधन विधेयक है, इसलिए इसे पारित कराने के लिए सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के अलावा कुल सदस्य संख्या के आधार पर भी दो-तिहाई समर्थन आवश्यक था। उस समय आवश्यक 352 वोट नहीं मिल पाने के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार विपक्षी दलों का समर्थन जुटाकर आवश्यक दो-तिहाई बहुमत कैसे हासिल करेगी। आगामी संसद सत्र में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
#WomenReservationBill #DelimitationBill #Parliament #ModiGovernment #IndianPolitics















