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टी20 में बुलंदी, टेस्ट और द्विपक्षीय सीरीज में कई ऐतिहासिक झटके
नई दिल्ली। गौतम गंभीर के जुलाई 2024 में टीम इंडिया के मुख्य कोच बनने के बाद भारतीय क्रिकेट ने सफलता और असफलता, दोनों के चरम देखे हैं। एक ओर उनकी कोचिंग में भारत ने एशिया कप, चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और लगातार दूसरा टी20 विश्व कप जीतकर अपनी ताकत साबित की, वहीं दूसरी ओर टीम को ऐसे शर्मनाक रिकॉर्ड भी झेलने पड़े, जो पिछले कई दशकों में कभी देखने को नहीं मिले।
हालिया झटका आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 2-0 की हार के रूप में सामने आया। बेलफास्ट में पहले मैच में हार के साथ आयरलैंड ने भारत के खिलाफ किसी भी प्रारूप में पहली जीत दर्ज की और फिर दूसरा मुकाबला जीतकर पहली बार भारतीय टीम का क्लीन स्वीप भी कर दिया। पिछले करीब दो वर्षों से टी20 क्रिकेट में अजेय रही टीम इंडिया की यह पहली द्विपक्षीय सीरीज हार है।
टेस्ट क्रिकेट में टूटे कई अभेद्य किले
गंभीर के कार्यकाल में टेस्ट क्रिकेट में भारत को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। न्यूजीलैंड ने 36 साल बाद भारत में टेस्ट जीतने के बाद पूरी तीन मैचों की सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। यह पहली बार था जब किसी टीम ने भारतीय सरजमीं पर कम से कम तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में भारत का क्लीन स्वीप किया। इसी सीरीज में बेंगलुरु टेस्ट की पहली पारी में भारत मात्र 45 रन पर सिमट गया, जो घरेलू टेस्ट इतिहास का सबसे कम स्कोर रहा।
इसके बाद दक्षिण अफ्रीका ने भी 2025 में भारत को 2-0 से हराकर 1999 के बाद पहली बार भारतीय जमीन पर टेस्ट सीरीज जीती। गंभीर पिछले 25 वर्षों में पहले भारतीय कोच बने, जिनके कार्यकाल में भारत ने घरेलू मैदान पर दो टेस्ट सीरीज गंवाईं।
वनडे में भी झेलनी पड़ी निराशा
भारत को श्रीलंका के खिलाफ 27 साल बाद वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। वहीं न्यूजीलैंड ने पहली बार भारतीय सरजमीं पर वनडे सीरीज जीतकर एक और नया इतिहास रच दिया।
हालांकि इन असफलताओं के बावजूद गौतम गंभीर के कार्यकाल में टीम इंडिया ने आईसीसी टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया है। ऐसे में उनका कार्यकाल फिलहाल उपलब्धियों और ऐतिहासिक निराशाओं का मिला-जुला अध्याय बनकर सामने आया है।
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