हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
फर्जी एनकाउंटर के आरोपों पर अदालत में सुनवाई, स्वतंत्र जांच की उठी मांग
नई दिल्ली। बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की मौत से जुड़े कथित एनकाउंटर मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। इस मामले में दायर याचिका में एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तथा जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने की मांग की गई है।
याचिका अधिवक्ता विशाल तिवारी की ओर से दायर की गई है। इसमें कहा गया है कि ऐसे मामलों में कानून के शासन और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच बेहद आवश्यक है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि पूरे मामले की जांच सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति की निगरानी में कराई जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे।
जांच प्रक्रिया पर परिवार ने उठाए सवाल
भरत तिवारी की मौत के बाद पुलिस कार्रवाई और जांच के तौर-तरीकों पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मृतक की मां ने 18 जून को शाहबाद के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, शाहपुर के तत्कालीन थाना प्रभारी तथा अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने के लिए लिखित शिकायत दी थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने कई दिनों तक शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की और मीडिया में मामला प्रमुखता से आने के बाद चार दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई।
डीआईजी कर रहे जांच, निष्पक्षता पर उठ रहे सवाल
वर्तमान में पूरे मामले की जांच शाहबाद रेंज के डीआईजी सत्यप्रकाश कर रहे हैं। हालांकि पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना घटनास्थल की विस्तृत पड़ताल और बिना आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई किए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। उनका कहना है कि इससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और न्याय मिलने की उम्मीद कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि अदालत का फैसला आगे की जांच की दिशा तय कर सकता है।














