हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
बिना अनुमति मार्च पर पुलिस सख्त, संसद क्षेत्र में धारा 163 लागू
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘संसद चलो’ मार्च से पहले रविवार को जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में समर्थक जुटे। प्रदर्शनकारियों ने बैनर लगाए, नारेबाजी की और रातभर धरना स्थल पर डटे रहने का आह्वान किया। सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पूरे नई दिल्ली जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
पुलिस ने जंतर-मंतर से संसद मार्ग तक कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की है। अधिकारियों का कहना है कि इस मार्च के लिए न तो अनुमति मांगी गई और न ही प्रशासन की ओर से कोई अनुमति दी गई है। यदि प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने का प्रयास करते हैं, तो उन्हें रास्ते में ही रोककर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
20 हजार लोगों के पहुंचने का दावा
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि निर्धारित मार्च से पहले ही जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्र में करीब 20 हजार लोग मौजूद थे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय कराना है और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रमुख मुद्दा है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
धारा 163 लागू, उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत संसद और आसपास के हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने तथा बिना अनुमति जुलूस निकालने पर प्रतिबंध है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर भी नजर
इस बीच, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि यदि राजनीतिक दलों के नेता सफदरजंग अस्पताल में वांगचुक से मिलकर यह भरोसा दिलाते हैं कि संसद के मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही का मुद्दा उठाया जाएगा, तो वह अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर देंगे।

















