हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
70 हजार से अधिक वक्फ संपत्तियां रिकॉर्ड से गायब होने का दावा, शिया-सुन्नी दोनों वक्फ बोर्डों की निष्पक्ष जांच और अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई की मांग।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री मोहसिन रजा ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात कर प्रदेश की वक्फ संपत्तियों में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने जनपदवार विशेष जांच दल (SIT) गठित करने, विशेष ऑडिट कराने तथा वक्फ संपत्तियों का भौतिक सत्यापन कराने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान मोहसिन रजा ने दावा किया कि वर्तमान में प्रदेश में करीब 1.27 लाख वक्फ संपत्तियां ही पंजीकृत हैं, जबकि पहले इनकी संख्या दो लाख से अधिक थी। उनका आरोप है कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान वक्फ बोर्डों का नियमित ऑडिट नहीं कराया गया, जिसके कारण हजारों संपत्तियों का रिकॉर्ड अस्पष्ट हो गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि 70 हजार से अधिक वक्फ संपत्तियां रिकॉर्ड से गायब हैं।
मोहसिन रजा ने शिया और सुन्नी दोनों वक्फ बोर्डों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम-2025 पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि अब वक्फ संपत्तियों की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए व्यापक जांच आवश्यक है।
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक जिले में वक्फ संपत्तियों का भौतिक सत्यापन कराया जाए तथा अवैध कब्जों, फर्जी नामांतरण, अवैध लीज और व्यावसायिक उपयोग की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही कब्जामुक्त कराई गई संपत्तियों का उपयोग जरूरतमंदों और जनहित के कार्यों में किया जाए।
पूर्व मंत्री ने बताया कि लखनऊ, गाजियाबाद, सहारनपुर, कानपुर, मेरठ, आगरा, प्रयागराज, अयोध्या, बरेली, नोएडा, अमरोहा, बिजनौर, अलीगढ़, वाराणसी और आजमगढ़ समेत कई जिलों से वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जों और व्यावसायिक उपयोग की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने प्रदेश स्तर पर निगरानी समितियां गठित कर अभियान चलाने की भी मांग की।
मोहसिन रजा ने मुख्यमंत्री से कहा कि प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो-टॉलरेंस नीति को देखते हुए इस संवेदनशील मामले में शीघ्र, निष्पक्ष और उच्चस्तरीय कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि वक्फ संपत्तियों का वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच सके।















