अलीगढ़। अलीगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और साहित्यिक संस्कृति को केंद्र में रखकर 20 और 21 अगस्त 2026 को दो दिवसीय विशेष आयोजन किया जा रहा है। इसका संयुक्त आयोजन रज़ा फाउंडेशन, दिल्ली, हिंदुस्तानी अकादमी, प्रयागराज और राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खैर, अलीगढ़ द्वारा किया जा रहा है।
आयोजन का उद्देश्य अलीगढ़ क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं, साहित्यिक विरासत और सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान पर संवाद को आगे बढ़ाना है। कार्यक्रम में साहित्यकारों, इतिहासकारों, शिक्षाविदों और प्रतिभागियों की भागीदारी होगी।

‘ब्रजक्षेत्र की सांस्कृतिक निर्मिति’ से होगा उद्घाटन
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र का विषय ‘ब्रजक्षेत्र की सांस्कृतिक निर्मिति’ रखा गया है। यह सत्र सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगा।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) नरेंद्र कुमार, प्राचार्य, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खैर, अलीगढ़ करेंगे।
वहीं डॉ. अतहर फारूकी (साहित्यकार) उद्घाटन वक्तव्य देंगे। विषय प्रवेश डॉ. रमाशंकर सिंह (इतिहासकार) द्वारा कराया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. जगन्नाथ दुबे, कार्यक्रम संयोजक, करेंगे।
प्रतिभागी सत्र में साहित्य और संस्कृति पर होगा विमर्श
आयोजन के पहले दिन 20 अगस्त 2026 को शाम 3 बजे से 4 बजे तक समानांतर सत्र-01 का आयोजन किया जाएगा। इसे प्रतिभागी सत्र के रूप में रखा गया है।
इस सत्र की अध्यक्षता प्रो. कुलेश कुमार करेंगे। संयोजन की जिम्मेदारी डॉ. राहुल कुमार संभालेंगे। सत्र में पायुष तिवारी मॉडरेशन करेंगे। इस दौरान चुने हुए 05 प्रतिभागियों द्वारा वक्तव्य प्रस्तुत किए जाएंगे।
अलीगढ़ की सांस्कृतिक पहचान पर केंद्रित संवाद
यह आयोजन अलीगढ़ और उसके आसपास विकसित हुई सांस्कृतिक एवं साहित्यिक परंपराओं को समझने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अलीगढ़ की पहचान केवल शैक्षणिक और ऐतिहासिक केंद्र के रूप में ही नहीं रही है, बल्कि यहां साहित्य, कला और विविध सांस्कृतिक परंपराओं का भी समृद्ध विकास हुआ है।
इसी संदर्भ में कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की सांस्कृतिक निर्मिति, साहित्यिक परंपरा और सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
साहित्यकारों और शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर
दो दिवसीय आयोजन में साहित्य और संस्कृति से जुड़े विषयों पर संवाद का अवसर मिलेगा। इसके माध्यम से प्रतिभागी अलीगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नए दृष्टिकोण से देखने और समझने का प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम के आयोजकों के अनुसार, ऐसे आयोजन स्थानीय इतिहास, साहित्य और संस्कृति को व्यापक अकादमिक एवं सामाजिक विमर्श से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आयोजन एक नजर में
- कार्यक्रम: अलीगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और साहित्यिक संस्कृति
- तिथि: 20-21 अगस्त 2026
- स्थान: राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खैर, अलीगढ़
- आयोजक: रज़ा फाउंडेशन, दिल्ली
- सह-आयोजक: हिंदुस्तानी अकादमी, प्रयागराज एवं राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खैर, अलीगढ़
- उद्घाटन सत्र: सुबह 10:30 से दोपहर 12 बजे
- उद्घाटन सत्र का विषय: ब्रजक्षेत्र की सांस्कृतिक निर्मिति
- समानांतर सत्र-01: 20 अगस्त, शाम 3 से 4 बजे
अलीगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और साहित्यिक संस्कृति पर आयोजित यह दो दिवसीय कार्यक्रम क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान, साहित्यिक परंपरा और ऐतिहासिक संदर्भों पर गंभीर संवाद का मंच प्रदान करेगा। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े वक्ताओं और प्रतिभागियों की भागीदारी रहेगी।













