BCCI और मुख्य चयनकर्ता के बीच मतभेद की चर्चा, VVS लक्ष्मण से तालमेल और खिलाड़ियों की फिटनेस भी बनी वजह
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल अब आगे बढ़ने की संभावना नहीं है। अगरकर ने खुद एक्सटेंशन नहीं लेने का फैसला किया है। उनका मौजूदा कार्यकाल अक्टूबर की शुरुआत में समाप्त हो रहा है। खास बात यह है कि उनके करीब तीन साल के कार्यकाल में भारतीय टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। इस दौरान टीम ने 2024 और 2026 टी20 विश्व कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी तथा एशिया कप में खिताब जीते, जबकि 2023 वनडे विश्व कप के फाइनल तक भी पहुंची।
हाल के घटनाक्रम में रोहित शर्मा को लेकर हुआ विवाद सबसे ज्यादा चर्चा में रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, इंग्लैंड दौरे से पहले चयन समिति में रोहित के वनडे भविष्य को लेकर चर्चा हुई थी। इसके बाद रोहित को टीम की योजनाओं के बारे में जानकारी देने की जिम्मेदारी प्रज्ञान ओझा को दी गई। इसी दौरान रोहित के भविष्य और संभावित संन्यास को लेकर खबरें सामने आईं। हालांकि, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने उस समय रोहित के स्थान को लेकर किसी खतरे से इनकार किया था।
लक्ष्मण से मतभेद की भी चर्चा
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अगरकर और सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण के बीच कुछ मामलों में मतभेद भी सामने आए। एशियन गेम्स के लिए टीम के चयन, इंडिया-ए के कार्यक्रम और खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर दोनों की राय अलग बताई गई। इसके अलावा खिलाड़ियों की लगातार चोट और उनके रिहैबिलिटेशन को लेकर भी चयन समिति और सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के बीच सवाल उठते रहे।
अगरकर की अनुपस्थिति वाली हालिया समीक्षा बैठक ने भी उनके भविष्य को लेकर अटकलों को बढ़ाया। हालांकि, इन मतभेदों को लेकर बीसीसीआई की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में अगरकर के कार्यकाल के अंत को किसी एक विवाद से जोड़कर देखना जल्दबाजी होगी। अब बोर्ड को व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम और 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के बीच नए मुख्य चयनकर्ता पर फैसला करना होगा।
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