पिछड़ा मोर्चा सरदार पटेल के राष्ट्रनिर्माण और राष्ट्रीय एकता का संदेश पहुंचाएगा जन-जन तक, प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने कांग्रेस पर लगाए अनदेखी के आरोप
लखनऊ।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी पिछड़े वर्गों के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की तैयारी में जुटी है। इसी क्रम में भाजपा पिछड़ा मोर्चा 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती प्रदेश के सभी 98 संगठनात्मक जिलों में मनाएगा। लखनऊ स्थित भाजपा मुख्यालय में प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया। पार्टी इन कार्यक्रमों के जरिए सरदार पटेल के राष्ट्रनिर्माण, राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की योजना बना रही है।
सरदार पटेल की जयंती पर प्रस्तावित यह अभियान राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में कुर्मी समाज का प्रभाव कई विधानसभा क्षेत्रों में है। ऐसे में पटेल जयंती के कार्यक्रमों के जरिए भाजपा की कोशिश पिछड़े वर्गों, विशेषकर कुर्मी समाज के बीच अपना जनाधार मजबूत करने की हो सकती है। हालांकि, पार्टी की ओर से कार्यक्रमों का घोषित उद्देश्य सरदार पटेल के योगदान और विचारों को लोगों तक पहुंचाना है।
प्रकाश पाल ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने कांग्रेस पर सरदार पटेल के योगदान को कमतर दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सरदार पटेल को राजनीतिक रूप से छोटा करने का प्रयास किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ स्थापित कर उन्हें वैश्विक सम्मान दिलाया।
प्रकाश पाल ने कहा कि सरदार पटेल ने सैकड़ों रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत की नींव मजबूत की थी। उनका योगदान देश की एकता और अखंडता के लिए ऐतिहासिक रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस ने सरदार पटेल को वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे हकदार थे। नेतृत्व चयन के समय हुए घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए।
नई पीढ़ी तक पहुंचाएंगे पटेल का योगदान
भाजपा पिछड़ा मोर्चा के कार्यकर्ता जयंती कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को सरदार पटेल के जीवन, संघर्ष और राष्ट्रनिर्माण में उनकी भूमिका से परिचित कराएंगे। पार्टी का जोर राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता के संदेश को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने पर रहेगा। प्रदेश के सभी 98 संगठनात्मक जिलों में कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला इसी रणनीति का हिस्सा है।
राजनीतिक जानकारों की नजर में यह अभियान भाजपा की सामाजिक और राजनीतिक पहुंच बढ़ाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा सकता है। अब इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी पिछड़े वर्गों के बीच कितना प्रभाव स्थापित कर पाती है, यह अभियान के क्रियान्वयन और जनता की प्रतिक्रिया से स्पष्ट होगा।

















