हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 11अप्रैल: 2025,
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों, 26/11 के आरोपी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण और भाजपा नेताओं की विवादित टिप्पणियों पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया है और सरकार को इसे दबाने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
वक्फ संशोधन विधेयक पर शांतिपूर्ण विरोध का समर्थन
डिंपल यादव ने कहा कि,
“अगर आंदोलन संयम के साथ और शांतिपूर्वक हो तो मैं नहीं समझती हूं कि सरकार को ऑब्जेक्शन होना चाहिए, क्योंकि यह हमारा संवैधानिक अधिकार है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार आंदोलनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रही है और उन्हें प्रताड़ित कर रही है। डिंपल ने कहा कि सरकार का यह रवैया लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ है।
26/11 के आरोपी तहव्वुर राणा पर तीखा सवाल
तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण पर उन्होंने कहा,
“अच्छी बात है कि उसे लाया गया। अब कड़ी कार्रवाई होगी। लेकिन आरोपी को लाने में इतने साल क्यों लगे?”
उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा सरकार के 11 साल हो चुके हैं और अब जाकर कार्रवाई की जा रही है, जो सरकार की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
भाजपा विधायक संगीत सोम के बयान पर करारा जवाब
भाजपा विधायक संगीत सोम द्वारा सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव को पीटने की धमकी पर डिंपल यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
“यह दर्शाता है कि भारतीय जनता पार्टी के लोग नहीं चाहते कि देश संविधान के हिसाब से चले। वे मनमाने ढंग से देश चलाना चाहते हैं। उनके शब्दकोश में ही है – पीटेंगे, मारेंगे, बुलडोजर चलाएंगे।”
उन्होंने भाजपा की भाषा और कार्यशैली को तानाशाही करार दिया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर भी साधा निशाना
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर डिंपल ने नाराजगी जताई।
“अगर कोई संवैधानिक पद पर बैठा नेता इस तरह की भाषा का प्रयोग करता है, तो यह उसकी पार्टी की सोच और मानसिकता को दिखाता है। ऐसी टिप्पणियां बेहद निंदनीय हैं। उन्हें अगली बार सोच-समझकर बयान देना चाहिए।”















