हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 2 मई : 2025,
अलीगढ़, 2 मई —2025
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में आयोजित दो दिवसीय 13वाँ अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म महोत्सव – फिल्मसाज 2025 अपने समापन पर भावनाओं, विचारों और कलात्मक ऊर्जा से भरपूर रहा। सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र (CEC) के अंतर्गत विश्वविद्यालय फिल्म क्लब द्वारा आयोजित इस महोत्सव ने केनेडी ऑडिटोरियम को एक जीवंत सिनेमाई और रचनात्मक मंच में तब्दील कर दिया।
शहीदों को समर्पित फिल्म से हुई शुरुआत
समापन दिवस की शुरुआत फिल्म “मेरे देश की धरती” की भावपूर्ण स्क्रीनिंग से हुई, जिसे पहलगाम आतंकी हमले के शहीदों को समर्पित किया गया था। इस फिल्म की संवेदनशील प्रस्तुति ने दर्शकों को गहरे भावनात्मक क्षणों से जोड़ दिया और राष्ट्रचिंतन का वातावरण बना दिया।
ज्ञान और कला के संगम का मंच
इसके बाद विजडम रूम में आयोजित ज्ञानवर्धक क्विज प्रतियोगिता ने यह दर्शाया कि ज्ञान और कला साथ-साथ चलने वाले संवाद हैं। छात्रों की भागीदारी और उत्साह इस बात का प्रमाण था कि आज का युवा सोचने, जानने और अभिव्यक्त करने के लिए उत्सुक है।
मुख्य अतिथि का संदेश: रचनात्मकता है जीवन निर्माण का माध्यम
मुख्य अतिथि प्रो. रफीउद्दीन (डीन, स्टूडेंट्स वेलफेयर) ने कहा कि सीईसी अब सिर्फ एक मंच नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति और आत्म-खोज का केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि फिल्म, थिएटर और संगीत जैसे रचनात्मक माध्यम हमारे अंदर की संवेदनशीलता को उभारते हैं और हमें एक बेहतर इंसान बनने में सहायता करते हैं।
सिनेमा: समय की डायरी
विशिष्ट अतिथि डॉ. उबैद अहमद सिद्दीकी (जेएन मेडिकल कॉलेज) ने सिनेमा को “हमारे समय की बदलती डायरी” करार दिया। उन्होंने कहा कि आज की शॉर्ट फिल्म्स और वेब सीरीज उस जीवन को दर्शाती हैं, जो अक्सर किताबों में नहीं दिखता — यही उन्हें विशिष्ट बनाता है।
फिल्मसाज: सिर्फ मंच नहीं, आवाज है
सीईसी समन्वयक प्रो. मोहम्मद नवेद खान ने समारोह के प्रारंभ में सभी अतिथियों का पुष्प भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा, “फिल्मसाज केवल फिल्मों का मंच नहीं है, यह उन आवाजों का मंच है जो प्रश्न करती हैं, प्रेरित करती हैं और कभी-कभी झकझोर देती हैं।”
चर्चित चेहरे: रंजन राज और इमरान राशिद
इस महोत्सव की विशेष उपस्थिति रही प्रसिद्ध अभिनेता रंजन राज और लेखक इमरान राशिद की, जिनके आने से ऑडिटोरियम में उत्साह की लहर दौड़ गई। फिल्म क्लब की अध्यक्ष डॉ. फजीला शहनवाज ने दोनों का स्वागत और सम्मान किया।
प्रेरक संवाद सत्र: रचनात्मकता और असफलता की बातें
संवाद सत्र में रंजन राज और इमरान राशिद ने अपने व्यक्तिगत सफर और फिल्मी दुनिया के अनुभव साझा किए। रंजन राज ने कहा, “बनाते रहो, असफल होते रहो, सीखते रहो — यही असली फॉर्मूला है।” इमरान ने डिजिटल दौर में कहानी कहने की नई शैली पर बात करते हुए सच्चाई, धैर्य और प्रामाणिकता की आवश्यकता पर बल दिया।
सम्मान और तालियों की गूंज
समापन समारोह में महोत्सव की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों को पुरस्कृत किया गया। जब युवा फिल्म निर्माता मंच पर आए, तो तालियों की गूंज ने साबित किया कि यह महज तकनीक नहीं, बल्कि साहस और दृष्टिकोण का सम्मान था।
विश्वविद्यालय फिल्म क्लब के सचिव मोहम्मद सलमान ने अंत में सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया और महोत्सव की सफलता को प्रतिभागियों, आयोजकों और दर्शकों की सामूहिक भावना का परिणाम बताया।
फिल्मसाज 2025 इस बात का प्रतीक बनकर उभरा कि कला, संवेदना और सिनेमा के जरिए समाज को जोड़ा जा सकता है, संवेदनशील बनाया जा सकता है और आगे बढ़ाया जा सकता है।














