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उत्तर प्रदेश में औद्योगिक क्रांति: 430% की बढ़त के साथ बदली औद्योगिक क्षेत्रों की तस्वीर

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 2 मई : 2025,

सीएम योगी के नेतृत्व में यूपीसीडा ने रचा विकास का नया अध्याय

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उद्योग एवं निवेश के क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। यूपी सरकार के निर्देश पर कार्य कर रहे उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDC) ने बीते सात वर्षों में औद्योगिक विकास के क्षेत्र में 430% की वृद्धि दर्ज की है।

औद्योगिक विकास पर खर्च में ऐतिहासिक वृद्धि

2018-19 में जहां औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, उन्नयन और अनुरक्षण पर मात्र 104 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा 551 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। सात वर्षों में हर वर्ष विकास खर्च में निरंतर बढ़ोतरी हुई:

  • 2019-20: ₹207 करोड़
  • 2020-21: ₹234 करोड़
  • 2022-23: ₹287 करोड़
  • 2023-24: ₹415 करोड़
  • 2024-25: ₹551 करोड़

यह दर्शाता है कि सरकार ने आधारभूत ढांचे को मज़बूत करने के लिए सुसंगत और ठोस प्रयास किए हैं।

रोज़गार और औद्योगिक इकाइयों में रिकॉर्ड वृद्धि

सरकारी प्रयासों का असर सीधे रोज़गार के अवसरों और औद्योगिक इकाइयों की संख्या में भी देखने को मिला है:

  • रोज़गार:
    • 2017-18: 11,577
    • 2024-25: 51,761 (लगभग 348% की वृद्धि)
  • औद्योगिक इकाइयां:
    • 2017-18: 403
    • 2024-25: 1,634 (लगभग 305% की वृद्धि)

यह बढ़त दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश निवेश और उद्यमिता का नया गढ़ बनता जा रहा है।

बड़े निवेशकों का उत्तर प्रदेश की ओर रुझान

2024-25 में यूपीसीडा द्वारा 10 से अधिक मेगा और सुपर मेगा इकाइयों को भूमि आवंटन किया गया। इन निवेशकों में देश की जानी-मानी कंपनियां शामिल हैं:

  • सोम बेवरेजेस – ₹600 करोड़
  • बीपीसीएल, कानपुर – ₹500 करोड़
  • इंडोरेमा – ₹400 करोड़
  • अशोक लीलेंड – ₹186 करोड़
  • क्रिभको – ₹145 करोड़

इन निवेशों से राज्य में न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को हज़ारों की संख्या में रोज़गार के अवसर भी मिलेंगे।

‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ में सुधार: हर सुविधा समय पर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि सभी उद्योगों को जमीन, बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं बिना किसी देरी के दी जाएं। यूपीसीडा के सीईओ मयूर माहेश्वरी ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाना है।

1961 में स्थापित यूपीसीडा की नई पहचान

उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण की स्थापना 1961 में हुई थी, जिसका उद्देश्य राज्य में योजनाबद्ध औद्योगिक विकास करना था। योगी सरकार के आने के बाद इस संस्था को आधुनिक स्वरूप दिया गया और अब यह यूपी के औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई दिशा दे रही है।

यूपी निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है

पारदर्शी नीतियां, अनुकूल कारोबारी माहौल और मजबूत बुनियादी ढांचे ने उत्तर प्रदेश को देश के सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्यों में शामिल कर दिया है। सरकार का मजबूत नेतृत्व और संस्थागत सुधार राज्य को औद्योगिक शक्ति बनने की दिशा में ले जा रहा है।

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