हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑15 मई : 2025
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की एक और अहम कैबिनेट बैठक आज सुबह 11 बजे राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में लगभग 12 बड़े प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है, जिनमें से अधिकांश जनहित और विकास से जुड़े हैं। खास बात यह है कि इस बैठक में शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है, जिसका इंतजार लंबे समय से किया जा रहा है।
जनहित के प्रस्तावों पर फोकस
बैठक में योगी सरकार उन प्रस्तावों को मंजूरी दे सकती है जो सीधे तौर पर आम जनता, किसानों, कर्मचारियों और शहरी विकास से जुड़े हुए हैं। इस बैठक को आगामी बजट और विकास योजनाओं की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शिक्षा मित्र और अनुदेशक मानदेय बढ़ोतरी पर फैसला संभव
प्रदेश भर के शिक्षा मित्र और अनुदेशक लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। आज की बैठक में इनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए प्रस्ताव पारित किया जा सकता है। सरकार का मानना है कि इन वर्गों को आर्थिक मजबूती देना राज्य की शिक्षा व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद करेगा।
200 एकड़ में बनेगा सीड पार्क, किसानों को होगा बड़ा लाभ
बैठक में बीज उत्पादन और आपूर्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सीड पार्क (Seed Park) के निर्माण को मंजूरी दी जा सकती है। यह पार्क करीब 200 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। इसके निर्माण से उत्तर प्रदेश को बीजों के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे न केवल किसानों को समय पर बीज मिल सकेंगे, बल्कि बीजों की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
भवन निर्माण और विकास प्राधिकरणों के दायरे में विस्तार
शहरी क्षेत्रों में भवन निर्माण की प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सरकार कुछ विकास प्राधिकरणों की सीमाओं का विस्तार कर सकती है। इससे शहरी नियोजन, इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्वीकृतियों में तेजी आएगी।
अमृत योजना में निकाय अंश को लेकर संशोधन प्रस्ताव
बैठक में केंद्र सरकार की अमृत योजना (AMRUT) के अंतर्गत निकायों द्वारा दिए जाने वाले अंशदान के बंटवारे को लेकर भी चर्चा हो सकती है। सरकार चाहती है कि योजना का क्रियान्वयन और भी सरल हो, जिससे नगर निकायों को वित्तीय बोझ कम महसूस हो और विकास कार्य समय पर पूरे हो सकें।
आउटसोर्स सेवा निगम को मिल सकती है हरी झंडी
प्रदेश सरकार “उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम” के गठन का प्रस्ताव भी आज कैबिनेट में ला सकती है। इस निगम के बनने से अब सरकार को आउटसोर्स कर्मचारी किसी निजी एजेंसी से लेने की जरूरत नहीं होगी। इसके बजाय निगम ही भर्ती से लेकर वेतन भुगतान और अन्य व्यवस्थाएं संभालेगा। इससे कर्मचारियों का शोषण रुकेगा और उन्हें नियमित, पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सुविधाएं मिल सकेंगी।
प्रदेश के विकास को मिलेगी गति
इन सभी प्रस्तावों को अगर आज मंजूरी मिलती है तो इसका सीधा लाभ प्रदेश के करोड़ों नागरिकों को मिलेगा। एक ओर जहां किसानों को बीजों की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी ओर शिक्षा व्यवस्था और शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी। इसके साथ ही कर्मचारियों को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण में कार्य करने का अवसर मिलेगा।
नज़र इस पर भी होगी
- आवास योजनाओं में कुछ तकनीकी सुधार के प्रस्ताव
- औद्योगिक विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने की योजनाएं
- नई टाउनशिप नीति पर प्रारंभिक चर्चा
अंतिम निर्णय के बाद बैठक की विस्तृत कार्यवाही और मंजूर हुए प्रस्तावों की जानकारी जारी की जाएगी। खबर के अपडेट के लिए जुड़े रहें।
















