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19 अप्रैल को मनाई जाएगी अक्षय तृतीया
नई दिल्ली/मेरठ। पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला अक्षय तृतीया पर्व इस वर्ष 19 अप्रैल, रविवार को मनाया जाएगा। इसे ‘आखा तीज’ के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिषाचार्य विभोर इंदुसुत के अनुसार तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10:49 बजे से प्रारंभ होकर 20 अप्रैल सुबह 7:27 बजे तक रहेगी, लेकिन मुख्य पर्व 19 अप्रैल को ही मान्य होगा।
पूजन के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त
अक्षय तृतीया पर पूजा-अर्चना और शुभ कार्यों के लिए विशेष मुहूर्त बताए गए हैं। सुबह 10:50 बजे से 12:19 बजे तक अमृत चौघड़िया रहेगा, जबकि 11:53 बजे से 12:44 बजे तक अभिजीत मुहूर्त अत्यंत शुभ माना गया है। इन समयों में पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।
ग्रहों की चाल से बन रहे शुभ योग
इस बार अक्षय तृतीया पर कई शुभ योग बन रहे हैं। चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृष में स्थित रहेंगे, जो सफलता और शुभता का संकेत है। वहीं शाम 3:45 बजे के बाद शुक्र भी वृष राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मालव्य योग और लक्ष्मी योग का निर्माण होगा। ये योग धन, समृद्धि और सुख-सौभाग्य में वृद्धि करने वाले माने जाते हैं।
खरीदारी और मांगलिक कार्यों का विशेष महत्व
अक्षय तृतीया को बिना पंचांग शुद्धि के भी विवाह, वाग्दान, रिश्ता तय करना जैसे शुभ कार्य किए जा सकते हैं। इसके अलावा गृह प्रवेश, व्यवसाय शुरू करना, वाहन खरीदना, नई नौकरी जॉइन करना और निवेश करना भी अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन सोना-चांदी खरीदना विशेष रूप से लाभकारी और समृद्धि बढ़ाने वाला माना जाता है।
खरीदारी के समय राहुकाल से बचें
खरीदारी के लिए शुभ चौघड़िया में सुबह 10:42 से 12:19, दोपहर 1:55 से 3:32, और शाम 6:46 से रात 9:30 बजे तक का समय अनुकूल है। हालांकि शाम 4:30 से 6:00 बजे तक राहुकाल रहेगा, इसलिए इस दौरान खरीदारी से बचना चाहिए।
अक्षय फल देने वाला पर्व
तीन प्रमुख शुभ योगों के कारण इस बार अक्षय तृतीया का महत्व और बढ़ गया है। इस दिन किए गए पूजा-पाठ, दान और शुभ कार्यों का फल अक्षय यानी कभी समाप्त न होने वाला माना गया है, जिससे माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
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