हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नई दिल्ली। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक बहुमत के अभाव में पारित न हो पाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) आज इस मुद्दे को लेकर देशभर में प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने इसे “नारी अधिकारों के साथ अन्याय” बताते हुए व्यापक जनजागरण अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। इसी क्रम में विभिन्न राज्यों में प्रेस कॉन्फ्रेंस, धरना-प्रदर्शन और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए विपक्ष पर निशाना साधा जाएगा।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि महिला आरक्षण बिल देश की महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम था, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण यह ऐतिहासिक अवसर हाथ से निकल गया। पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों के बीच जाकर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएं और जनसमर्थन जुटाएं। इस संबंध में आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जा सकती है।
वहीं दूसरी ओर, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 50 हजार से अधिक शिक्षक भी सड़कों पर उतरेंगे। ये शिक्षक टीईटी (Teacher Eligibility Test) अनिवार्यता के खिलाफ ‘मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा’ के तहत विरोध प्रदर्शन करेंगे। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए नई अनिवार्यताएं लागू करना उनके साथ अन्याय है।
इस तरह आज का दिन देश में दो बड़े मुद्दों—महिला आरक्षण और शिक्षक भर्ती नियमों—को लेकर विरोध प्रदर्शनों के नाम रहने वाला है, जिससे राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज होने की संभावना है।













