हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
मध्य-पूर्व तनाव के बीच बाजार में गिरावट
अमेरिका-इजरायल तनाव के बीच जारी सीजफायर के दौरान Strait of Hormuz के खुलते ही अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। करीब 49 दिनों तक बंद रहने के बाद ईरान ने इसे फिर से कमर्शियल जहाजों के लिए खोलने का ऐलान किया, जिससे तेल और गैस की कीमतों पर तुरंत असर पड़ा।
तेल-गैस कीमतों में भारी गिरावट
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 10% की गिरावट दर्ज की गई। क्रूड ऑयल 8.46 डॉलर सस्ता होकर 90.93 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी 8.5% की कमी देखी गई। यह गिरावट संकेत देती है कि सप्लाई में सुधार की उम्मीद से बाजार में राहत आई है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह खबर
India के लिए यह स्थिति बेहद राहत भरी है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल की कीमतों में कमी से पेट्रोल-डीजल सस्ते होने की संभावना बढ़ती है, साथ ही महंगाई पर भी नियंत्रण मिल सकता है। इससे सरकार के आयात बिल में भी कमी आएगी और आर्थिक संतुलन मजबूत होगा।
आगे क्या रहेंगे संकेत
हालांकि फिलहाल Iran ने सीजफायर अवधि तक ही रास्ता खोलने की बात कही है, इसलिए बाजार में अनिश्चितता बनी रह सकती है। अगर तनाव फिर बढ़ता है, तो कीमतों में दोबारा उछाल आ सकता है।
होर्मुज के खुलने से वैश्विक ऊर्जा बाजार को तत्काल राहत मिली है और भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है।
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