हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 27 अप्रैल: 2025,
अलीगढ़, 27 अप्रैल — अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की ग्यारहवीं कक्षा (विज्ञान स्ट्रीम), डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग, और ग्यारहवीं कक्षा (वाणिज्य एवं मानविकी स्ट्रीम) में दाखिले के लिए आज आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।
कई शहरों में बनाए गए परीक्षा केंद्र
परीक्षा अलीगढ़ के 35 केंद्रों सहित श्रीनगर, लखनऊ, मेरठ, बरेली, पटना, कोलकाता, किशनगंज और दिल्ली के केंद्रों पर भी कराई गई। सभी स्थानों पर परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित की गई, जिससे\ उम्मीदवारों और उनके अभिभावकों ने राहत की सांस ली।

विज्ञान और डिप्लोमा स्ट्रीम के लिए भारी संख्या में प्रतिभागी
ग्यारहवीं कक्षा (विज्ञान स्ट्रीम) और डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग के लिए कुल 30592 छात्रों ने आवेदन किया था, जिनमें से 26327 छात्रों ने प्रवेश परीक्षा में भाग लिया। वहीं, ग्यारहवीं कक्षा (मानविकी और वाणिज्य स्ट्रीम) में प्रवेश के लिए 7797 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था।
एसएसएससी ब्रिज कोर्स में भी रुचि
एसएसएससी ब्रिज कोर्स में प्रवेश हेतु 195 छात्रों ने आवेदन किया, जो बताता है कि छात्रों के बीच एएमयू के इस विशेष कार्यक्रम के प्रति भी रुचि बढ़ रही है।

कुलपति और वरिष्ठ अधिकारियों ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण
कुलपति प्रोफेसर नईमा खातून ने सहकुलपति प्रो. एम. मोहसिन खान, प्रॉक्टर प्रो. एम. वसीम अली और उनकी टीम के साथ अलीगढ़ स्थित विभिन्न परीक्षा केंद्रों — जैसे कि एसटीएस स्कूल, आर्ट्स फैकल्टी, सीनियर सेकेण्ड्री स्कूल (ब्वायज), आरएमपीएस सिटी स्कूल आदि — का दौरा किया। उन्होंने परीक्षा की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और निर्देश दिया कि सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन किया जाए।
इसके साथ ही कुलपति ने उम्मीदवारों के माता-पिता और अभिभावकों से भी संवाद कर उनकी प्रतिक्रिया जानी।
परीक्षा आयोजन में अधिकारियों और शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान
परीक्षा नियंत्रक डॉ. मुजीब उल्लाह जुबेरी ने शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से परीक्षा आयोजित कराने में शिक्षकों और अन्य स्टाफ सदस्यों की भूमिका की सराहना की। अलीगढ़ के भीतर परीक्षा केंद्रों पर वरिष्ठ शिक्षकों को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था, जबकि बाहरी केंद्रों पर संचालन की निगरानी के लिए वरिष्ठ शिक्षक समग्र प्रभारी के रूप में कार्यरत रहे।
अभ्यर्थियों और अभिभावकों के लिए विशेष सुविधाएँ
परीक्षा केंद्रों पर मौजूद उम्मीदवारों के माता-पिता और अभिभावकों के लिए राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), विभिन्न गैर सरकारी संगठनों, छात्रों और गैर-शिक्षण समुदाय के स्वयंसेवकों द्वारा विशेष सहायता केंद्र स्थापित किए गए थे। इन केंद्रों पर पीने के पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई थी।














