हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 6 मई : 2025,
अलीगढ़, 6 मई:
विश्व अस्थमा दिवस के अवसर पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज स्थित टीबी एवं छाती रोग विभाग द्वारा एक जागरूकता मार्च और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अस्थमा के प्रति जनजागरूकता फैलाना, समय पर निदान को प्रोत्साहित करना और समुचित उपचार तक समान पहुंच सुनिश्चित करना था। इस वर्ष की थीम थी – “मेक इनहेल्ड ट्रीटमेंट ऐसेसिबिल फार आल”।
जागरूकता मार्च एएमयू के डक प्वाइंट से आरंभ होकर बाब-ए-सैयद गेट तक निकाला गया। इस मार्च में विश्वविद्यालय के शिक्षक, रेजीडेंट डॉक्टर, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक शामिल हुए। मार्च का नेतृत्व एएमयू के रजिस्ट्रार श्री मोहम्मद इमरान (आईपीएस), प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली और श्वसन रोग विभाग के अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद शमीम ने किया। उन्होंने इस अवसर पर अस्थमा से जुड़ी जटिलताओं और मृत्यु दर को कम करने हेतु जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।

इसके अतिरिक्त, विभाग में एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें डॉ. लुबना ने प्रथम, डॉ. विश्वजीत ने द्वितीय, तथा डॉ. यमन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस कार्यक्रम ने छात्रों में चिकित्सा ज्ञान और जागरूकता को बढ़ावा देने का कार्य किया।
रजिस्ट्रार मोहम्मद इमरान ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि श्वसन संबंधी बीमारियों से बचाव हेतु संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वच्छ पर्यावरण आवश्यक हैं। वहीं, प्रो. शमीम ने अस्थमा उपचार के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि इनहेलर थेरेपी आज भी सबसे प्रभावी उपचार पद्धति है। उन्होंने चिकित्सा कर्मियों से आग्रह किया कि इनहेलेड कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स का वैज्ञानिक आधार पर प्रयोग सुनिश्चित करें।
इस जागरूकता अभियान में डॉ. नफीस, डॉ. शहज़ाद अनवर, डॉ. अमन और कई रेजीडेंट डॉक्टरों ने भी भाग लिया, जिससे विश्वविद्यालय की जनस्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता और सक्रिय भागीदारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हुई।

















