हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
जिला जज की अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनाया फैसला,
दो आरोपी बरी; दोषियों को कड़ी सुरक्षा में भेजा गया जेल
रायबरेली। बहुचर्चित आदित्य हत्याकांड में करीब छह साल बाद जिला जज की अदालत ने बड़ा
फैसला सुनाते हुए पूर्व सपा जिलाध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी आरपी यादव, सोमू ढाबा के मालिक
सुरेश यादव समेत 14 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले में
पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। फैसला आने के बाद अदालत
परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
यह मामला वर्ष 2019 का है और आदित्य हत्याकांड के बाद रायबरेली में काफी चर्चा में रहा था। पुलिस
ने जांच के दौरान कई लोगों को आरोपी बनाया था। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा और लंबे समय
तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों के समर्थन में कुल 13 गवाह पेश किए। अदालत
ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद 14 आरोपियों को दोषी माना और
सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई।
दोषियों में आरपी यादव और सोमू ढाबा के संचालक सुरेश यादव प्रमुख नाम हैं। सजा सुनाए जाने के
बाद अदालत की कार्रवाई पूरी होने पर सभी दोषियों को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल भेज दिया
गया। वहीं, दो आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें अदालत से राहत मिल गई।
फैसले के बाद आरपी यादव ने जिला अदालत के निर्णय पर असहमति जताते हुए सरकार पर गंभीर
आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्हें उच्च न्यायालय पर पूरा भरोसा है और वह जल्द जेल से बाहर
आएंगे। आरपी यादव ने दावा किया कि वह रायबरेली के विधायक और एमएलसी की कथित साजिश
का शिकार हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जेल से बाहर आने के बाद वह चुनाव लड़ेंगे।
जिला अदालत के फैसले के बाद अब दोषियों के पास ऊपरी अदालत में अपील का कानूनी विकल्प
मौजूद है। ऐसे में आदित्य हत्याकांड की अगली कानूनी लड़ाई हाई कोर्ट में पहुंचने की संभावना है। छह
साल पुराने इस चर्चित मामले में अदालत के फैसले के बाद अब आगे की न्यायिक कार्रवाई पर निगाहें
टिकी हैं।















