बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा नेतृत्व ने नई दिल्ली में राज्य के शीर्ष नेताओं के साथ रणनीतिक बैठक की। यह बैठक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर हुई, जिसमें भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष सहित प्रदेश के प्रमुख नेता शामिल हुए। बैठक करीब दो घंटे चली, जिसमें चुनावी तैयारियों की गहन समीक्षा की गई और कई अहम निर्देश दिए गए।
बैठक में तय हुआ कि एनडीए के विधानसभा स्तर के सम्मेलन 25 सितंबर तक पूरे किए जाएंगे। इन सम्मेलनों का उद्देश्य सभी घटक दलों को एकजुट कर मजबूत संदेश देना है। इसके साथ ही जल्द ही राज्य में चुनाव अभियान समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें सभी प्रमुख नेताओं को शामिल किया जाएगा। यह समिति चुनाव प्रचार की औपचारिक शुरुआत करेगी और जनता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपलब्धियों को प्रमुखता से रखा जाएगा।
उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। जिला स्तर पर समितियां बनेंगी और प्रत्येक विधानसभा सीट पर संभावित उम्मीदवारों पर विचार होगा। इसके अतिरिक्त हर विधानसभा क्षेत्र में दूसरे राज्यों से आए नेताओं को प्रभारी बनाया जाएगा, जो चुनाव प्रबंधन और अभियान को मजबूत करेंगे।
केंद्रीय नेतृत्व ने विपक्ष के बढ़ते अभियान पर भी चिंता जताई। बैठक में यह स्वीकार किया गया कि कांग्रेस और राजद के हमलों का अब तक प्रभावी जवाब नहीं दिया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि विपक्ष के “भ्रमजाल और भ्रामक प्रचार” का सामना करने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है।
नेतृत्व ने भाजपा और एनडीए के सम्मेलनों की सराहना करते हुए कहा कि इन्हें और मजबूती से जनता तक पहुंचाया जाए, ताकि संगठन की एकजुटता का स्पष्ट संदेश मिले।

















