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ट्रायल में ही फेल हुआ CBSE का OSM सिस्टम, खामियों के बावजूद लागू करने से बढ़ा विवाद

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा इस वर्ष कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए लागू की गई ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली विवादों के घेरे में आ गई है। छात्रों द्वारा परिणामों में गड़बड़ी की शिकायतों के बीच यह खुलासा हुआ है कि OSM प्रणाली का ट्रायल चरण ही कई तकनीकी और मूल्यांकन संबंधी खामियों से प्रभावित था, लेकिन इसके बावजूद बोर्ड ने इसे देशभर में लागू कर दिया।

जानकारी के अनुसार, CBSE ने जनवरी 2026 में दिल्ली के पांच प्रमुख स्कूलों में OSM प्रणाली का तीन दिवसीय ट्रायल आयोजित किया था। इसमें निजी, सरकारी, केंद्रीय विद्यालय तथा नवोदय विद्यालयों के प्रतिनिधियों, प्राचार्यों, परीक्षकों, अतिरिक्त मुख्य परीक्षकों (AHE) और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया था। उन्हें पहले प्रशिक्षण दिया गया और बाद में डिजिटल माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया गया।

सूत्रों के मुताबिक ट्रायल के दौरान कई गंभीर तकनीकी समस्याएं सामने आईं, जिन्हें तीन दिन बाद भी पूरी तरह दूर नहीं किया जा सका। ट्रायल के बाद तैयार रिपोर्ट में 36 से अधिक तकनीकी, संचालन और मूल्यांकन संबंधी चिंताओं का उल्लेख किया गया था। इनमें अतिरिक्त मुख्य परीक्षक द्वारा बढ़ाए गए अंक सिस्टम में घटकर दिखाई देना, आधिकारिक मार्किंग स्कीम से अलग अंक प्रदर्शित होना, बहु-खंडीय प्रश्नों में केवल एक खंड के अंक दिखना और MCQ प्रश्नों में 0.5 अंक दिए जाने जैसी समस्याएं शामिल थीं।

इसके अलावा Undo बटन दबाने पर सिस्टम का फ्रीज होना, ऑटोसेव सुविधा का सही ढंग से काम न करना तथा खाली उत्तरों पर भी अंक दर्ज हो जाना जैसी खामियां भी सामने आई थीं। विशेषज्ञों ने इन समस्याओं को गंभीर बताते हुए व्यापक स्तर पर लागू करने से पहले विभिन्न क्षेत्रों में पायलट परियोजनाएं चलाने की सलाह दी थी।

13 मई को CBSE द्वारा 12वीं का परिणाम घोषित किए जाने के बाद देशभर के छात्रों ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए। छात्रों का आरोप है कि कई उत्तरों की जांच अधूरी रही, कुछ उत्तर पुस्तिकाओं के स्कैन धुंधले थे और समान उत्तरों पर अलग-अलग अंक दिए गए। बढ़ते विवाद के बीच केंद्र सरकार ने मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो OSM प्रणाली की कार्यप्रणाली और शिकायतों की समीक्षा करेगी।

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