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यूपी: प्रदेश के मदरसों के पाठ्यक्रम में होगा बदलाव, गणित और विज्ञान विषय होंगे शामिल

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 14 मई : 2025,

उत्तर प्रदेश के मदरसों के पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब यूपी के मदरसों में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को गणित और विज्ञान जैसे आधुनिक विषय पढ़ाए जाएंगे। यह बदलाव यूपी बोर्ड के पाठ्यक्रम के आधार पर मदरसा बोर्ड के पाठ्यक्रम में किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही निदेशक समाज कल्याण की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इस निर्णय को अंतिम रूप दिया जाएगा।

मदरसों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने की दिशा में कदम

राज्य में वर्तमान में कुल 13,329 मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हैं, जिनमें 12,35,400 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन मदरसों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को बेसिक शिक्षा परिषद (BSA) के अनुसार पाठ्यक्रम दिया जाता है, लेकिन कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए विज्ञान और गणित जैसे आधुनिक विषय अब तक नहीं पढ़ाए जाते थे।

क्या होगा बदलाव?

अब तक कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को उर्दू, अरबी, फारसी और अंग्रेजी जैसी भाषाओं की शिक्षा दी जाती थी, लेकिन अब इस पाठ्यक्रम में गणित और विज्ञान को भी अनिवार्य किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक शिक्षा भी प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में विज्ञान और गणित जैसे क्षेत्रों में भी सफलता प्राप्त कर सकें।

मदरसों के लिए नई योजनाएं और कमेटी की बैठक

इसके अलावा, यूपी सरकार ने राज्य के मदरसों के विकास के लिए कई योजनाओं को लागू करने की योजना बनाई है। जिनमें शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर प्रदान करना शामिल है। इस संदर्भ में निदेशक समाज कल्याण की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जो इस बदलाव को लागू करने के तरीकों पर चर्चा करेगी।

मदरसों की स्थिति और अनुदानित मदरसे

राज्य में 9,979 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के मदरसे हैं, जबकि 3,350 माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर के मदरसे हैं। इनमें से 561 मदरसे राज्य सरकार से अनुदानित हैं, जिनमें कुल 2,31,806 छात्र पंजीकृत हैं। इन मदरसों में अब तक विज्ञान और गणित जैसे विषयों का पाठ्यक्रम नहीं था, लेकिन अब यह विषय भी कक्षा 9 से 12 तक अनिवार्य रूप से पढ़ाए जाएंगे।

आधुनिक शिक्षा के साथ धार्मिक शिक्षा का संतुलन

उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम मदरसों में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस बदलाव के बाद मदरसों में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राएं भविष्य में विज्ञान, गणित और तकनीकी क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना सकेंगे, साथ ही धार्मिक शिक्षा के प्रति उनकी समझ भी मजबूत होगी।

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