हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 5 मई : 2025,
उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि प्रदेश का कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति भूखा न सोए। सरकार की प्राथमिकता है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत सभी पात्र व्यक्तियों को राशन कार्ड जारी कर समय पर अनाज उपलब्ध कराया जाए।
15 करोड़ लोग ले रहे योजना का लाभ
प्रदेश में अब तक 3.16 करोड़ सामान्य राशन कार्ड और 40.73 लाख अंत्योदय राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं। इन कार्डों के माध्यम से करीब 15 करोड़ लोगों को हर महीने मुफ्त राशन दिया जा रहा है। सरकार की विशेष प्राथमिकता समाज के सबसे गरीब और वंचित वर्ग को दी जा रही है।
प्रयागराज: राशन वितरण में प्रदेश में नंबर-1
राशन कार्ड वितरण में प्रयागराज जिले ने पूरे उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिले में अब तक 9,34,677 सामान्य राशन कार्ड बनाए गए हैं, जिनसे 40 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
अंत्योदय कार्ड वितरण में भी प्रयागराज अग्रणी रहा है, जहाँ 86,613 कार्ड के माध्यम से 2.61 लाख जरूरतमंदों को हर महीने मुफ्त राशन दिया जा रहा है।
टॉप 5 जिलों में शामिल: सीतापुर, आगरा, लखनऊ, जौनपुर
प्रयागराज के बाद राशन वितरण में सीतापुर, आगरा, लखनऊ और जौनपुर जैसे जिले टॉप 5 में शामिल हैं। इन जिलों ने कार्ड बनाने और वितरण की प्रक्रिया को तेजी से अंजाम दिया है।
अंत्योदय कार्ड: सबसे कमजोर वर्ग को सहारा
प्रदेश में 1.29 करोड़ से अधिक अंत्योदय कार्ड धारक हैं। यह कार्ड वृद्धों, निराश्रित महिलाओं, दिव्यांगों और भूमिहीन मजदूरों जैसे सबसे कमजोर तबकों को दिया जाता है। अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति यूनिट 35 किलो तक अनाज हर महीने मुफ्त दिया जाता है।
पारदर्शिता के लिए डिजिटल निगरानी
राशन वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने ऑनलाइन आवेदन, आधार से लिंकिंग और सभी राशन दुकानों पर पीओएस (POS) मशीनों को अनिवार्य किया है। इससे हर वितरण का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होता है और गड़बड़ी की संभावना कम हो जाती है।
कोरोना काल में भी नहीं टूटी उम्मीद
कोरोना महामारी के कठिन समय में भी योगी सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और राज्य सरकार की मुफ्त राशन योजना के माध्यम से गरीबों की थाली खाली नहीं होने दी। यह योजना अब और तेज़ गति से लागू की जा रही है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति राशन से वंचित न रहे।
भूख के खिलाफ जंग: सामाजिक सुरक्षा की ओर कदम
यह योजना प्रदेश के गरीब, मजदूर और वंचित वर्ग के लिए एक बड़ी राहत बनकर सामने आई है। इससे न केवल भूखमरी पर रोक लगी है बल्कि सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का एक मजबूत आधार भी तैयार हुआ है।

















