हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान
Rekha Gupta ने मातृ दिवस के अवसर पर अनाथ और जरूरतमंद युवाओं के लिए बड़ी घोषणा करते हुए ‘आफ्टरकेयर स्कीम फॉर यंग पर्सन्स’ को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य उन युवाओं को सहारा देना है, जो 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद चाइल्ड केयर संस्थानों से बाहर आ जाते हैं और उन्हें आगे की जिंदगी में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। दिल्ली सरकार ने इस योजना के लिए वर्ष 2026-27 में 3.5 करोड़ रुपये का बजट तय किया है।
बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मकसद केवल बच्चों को संरक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा या युवा खुद को अकेला, असहाय या उपेक्षित महसूस न करे, इसके लिए सरकार हर संभव मदद करेगी।
रविवार को लाजपत नगर स्थित विलेज कॉटेज होम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से मुलाकात की और उनके साथ समय बिताया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मातृ दिवस हमें यह संदेश देता है कि हर बच्चे को सुरक्षा, अपनापन और आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
दिल्ली में 88 चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में वर्तमान में 88 चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस संचालित हैं, जिन्हें सरकार और विभिन्न गैर-सरकारी संस्थाएं मिलकर चला रही हैं। इन संस्थानों में 18 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा, पुनर्वास और अन्य जरूरी सुविधाएं दी जाती हैं। इसके अलावा लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग दो आफ्टरकेयर होम भी संचालित हैं।
हर साल लगभग 150 से 200 युवा 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद इन संस्थानों से बाहर आते हैं। संस्थानों से निकलने के बाद उन्हें पढ़ाई जारी रखने, रोजगार पाने, कौशल प्रशिक्षण लेने और आर्थिक समस्याओं जैसी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई युवाओं को परिवार का सहारा भी नहीं मिल पाता।
योजना के तहत मिलेगी ये सुविधाएं
नई आफ्टरकेयर स्कीम के तहत युवाओं को उच्च शिक्षा, कॉलेज अध्ययन, स्किल डेवलपमेंट और व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधा दी जाएगी। साथ ही उन्हें इंटर्नशिप और रोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
योजना में आर्थिक सहायता और मासिक स्टाइपेंड का भी प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा मेंटरिंग, काउंसलिंग, करियर गाइडेंस, पुनर्वास सहायता और स्वतंत्र जीवन जीने के लिए जरूरी सहयोग भी दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
निगरानी के लिए बनेगी कमेटियां
योजना के प्रभावी संचालन के लिए राज्य और जिला स्तर पर विशेष कमेटियां गठित की जाएंगी। राज्य स्तर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव की अध्यक्षता में स्टेट आफ्टरकेयर कमेटी बनाई जाएगी, जबकि जिला स्तर पर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में डिस्ट्रिक्ट आफ्टरकेयर कमेटियां काम करेंगी। ये कमेटियां युवाओं की जरूरतों का आकलन कर उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की सिफारिश करेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार विभिन्न सरकारी विभागों और सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से युवाओं को रोजगार, स्किल प्रोग्राम और आजीविका के अवसरों से जोड़ने के लिए लगातार काम करेगी।
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