हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 13 मई : 2025,
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर साइंस विषय की पढ़ाई को मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने प्रदेश भर के स्कूलों में संविदा पर 5000 कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। जैसे ही शासन से मंजूरी मिलेगी, भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
लंबे समय से कंप्यूटर शिक्षकों की थी कमी
प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक कंप्यूटर साइंस विषय को पिछले दो दशकों से पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है, लेकिन इसके अनुरूप शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाई। इससे छात्रों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ता रहा है। वर्ष 2018 में 1673 पदों पर कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती की गई थी, लेकिन मात्र 36 पदों पर ही नियुक्ति हो सकी थी, जो जरूरत के मुकाबले बहुत कम थी।
प्रस्ताव में संविदा नियुक्ति का प्रावधान
इस बार शिक्षा विभाग ने बड़े स्तर पर संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर शिक्षकों की भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव में उन स्कूलों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है, जहां छात्र संख्या ज्यादा है, ताकि जरूरत के अनुसार एक स्कूल में 2-3 शिक्षकों की तैनाती की जा सके। वहीं, जिन स्कूलों में छात्र संख्या कम है, वहां 1-2 शिक्षकों की नियुक्ति का प्रावधान रखा गया है।
आईटी में बीटेक छात्रों को मिलेगा मौका
प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया है कि भर्ती के लिए आईटी या कंप्यूटर साइंस में बीटेक (B.Tech) कर चुके प्रतिष्ठित संस्थानों के पूर्व छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार का अवसर भी प्रदान किया जाएगा।
शासन से मंजूरी के बाद शुरू होगी प्रक्रिया
सूत्रों के मुताबिक, शिक्षा विभाग ने इस विषय में शासन को स्मरण पत्र भी भेजे हैं, जिससे जल्द से जल्द अनुमति मिल सके। बता दें कि दो वर्ष पूर्व भी ऐसा ही एक प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन तीन बिंदुओं पर आपत्ति जताते हुए सुधार के निर्देश दिए गए थे। इस बार विभाग ने सभी आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव को फिर से संशोधित कर शासन को भेजा है।
क्या होगा असर?
इस कदम से प्रदेश के हजारों छात्रों को फायदा मिलेगा जो अभी तक कंप्यूटर साइंस जैसे जरूरी विषय से वंचित हैं। साथ ही यह भर्ती अभियान तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
















