• Home
  • Delhi
  • चीन सीमा के पास भारत का मास्टरस्ट्रोक: अरुणाचल का हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट कितना खास
Image

चीन सीमा के पास भारत का मास्टरस्ट्रोक: अरुणाचल का हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट कितना खास

नई दिल्ली/हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश के सुदूर पूर्वी अंजॉ जिले में चीन सीमा के बेहद नजदीक लोहित नदी पर प्रस्तावित 1,200 मेगावाट की कलई-II जलविद्युत परियोजना को पर्यावरणीय मंजूरी दे दी है। करीब 14,176 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना पूर्वोत्तर भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ रणनीतिक दृष्टि से भी भारत के लिए अहम मानी जा रही है।

रन-ऑफ-रिवर डिजाइन, पर्यावरण के अनुकूल

कलई-II परियोजना को रन-ऑफ-रिवर तकनीक पर विकसित किया जाएगा। इसमें बड़े जलाशयों का निर्माण नहीं होता, बल्कि नदी के प्राकृतिक बहाव से बिजली पैदा की जाती है। इससे पर्यावरण पर प्रभाव अपेक्षाकृत कम पड़ता है। परियोजना के लिए लगभग 869 हेक्टेयर वन भूमि का उपयोग होगा। पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, परियोजना स्थल के 10 किलोमीटर के दायरे में कोई राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य, टाइगर या हाथी रिजर्व नहीं है।

रणनीतिक दृष्टि से क्यों अहम है कलई-II

लोहित नदी का उद्गम पूर्वी तिब्बत के पर्वतीय क्षेत्रों से होता है और यह अरुणाचल के किबिथू इलाके से भारत में प्रवेश करती है। चीन सीमा के पास इस नदी पर बांध बनने से भारत को जल प्रवाह और जल प्रबंधन पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भविष्य में बाढ़ नियंत्रण, जल सुरक्षा और सीमा प्रबंधन में भी मददगार साबित हो सकती है। सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसी बड़ी बुनियादी परियोजनाएं भारत की रणनीतिक मौजूदगी को मजबूत करती हैं।

स्थानीय विकास और रोजगार को बढ़ावा

परियोजना के निर्माण में लगभग 78 महीने लगेंगे। इस दौरान सड़कों, पुलों, आवासीय परिसरों और अन्य ढांचों का विकास होगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र में आधारभूत सुविधाएं बेहतर होंगी। परियोजना के तहत दो स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां पर्याप्त मेडिकल स्टाफ की तैनाती की जाएगी।

पूर्वोत्तर की ऊर्जा सुरक्षा को नई ताकत

इस परियोजना को THDC इंडिया लिमिटेड विकसित करेगी। इससे पूर्वोत्तर भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बड़ी मजबूती मिलेगी। गौरतलब है कि वर्ष 2023 में केंद्र और अरुणाचल सरकार ने राज्य की 12 रुकी हुई जलविद्युत परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया था। कलई-II उसी नीति का अहम हिस्सा है।

कुल मिलाकर, लोहित नदी पर बनने वाली यह परियोजना ऊर्जा, विकास और रणनीतिक सुरक्षा—तीनों मोर्चों पर भारत की स्थिति को मजबूत करने वाला बड़ा कदम मानी जा रही है।

Releated Posts

EPFO की बड़ी राहत: बिना PF नंबर भी मिलेगा पुराने से पुराना अकाउंट, 15 साल का हिसाब होगा साफ

नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (PF) एक अहम बचत होती है, लेकिन कई…

ByByHindustan Mirror News Jan 8, 2026

‘ट्रंप को जाना होगा, मिनियापोलिस में महिला की मौत के बाद भड़का जनआक्रोश

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:ICE एजेंट की गोली से 37 वर्षीय अमेरिकी नागरिक की मौत, सड़कों पर उतरे लोगसरकारी दावों…

ByByHindustan Mirror News Jan 8, 2026

तनाव के बीच IND-BAN मैच कन्फर्म, जनवरी में होगी मैदान पर भिड़ंत

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: IND vs BAN Clash: भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट को लेकर चल रहा तनाव…

ByByHindustan Mirror News Jan 8, 2026

ED रेड पर बवाल: ममता बनर्जी पर दस्तावेज हटाने का आरोप, हाईकोर्ट पहुंची जांच एजेंसी

कोलकाता।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:पश्चिम बंगाल की सियासत गुरुवार को उस समय और गरमा गई, जब केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन…

ByByHindustan Mirror News Jan 8, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top