हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑ 24 मई : 2025
अलीगढ़, 24 मई 2025: उत्तर प्रदेश जल निगम के प्रबंध निदेशक एवं नोडल अधिकारी रमाकांत पांडेय ने शनिवार को गौ आश्रय स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया, जिसमें ताहरपुर एवं तकीपुर गौशालाएं शामिल थीं। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य गौवंश की देखभाल, चारे की उपलब्धता और स्वच्छता से संबंधित व्यवस्थाओं की स्थिति का आकलन करना था।
प्रबंध निदेशक रमाकांत पांडेय ने अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया कि मौजूदा भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए गौशालाओं में किसी भी प्रकार की मूलभूत सुविधाओं की कमी न हो और पशुओं की समुचित देखभाल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जल निगम की जिम्मेदारी के तहत इन गौशालाओं में पर्याप्त चारा, पानी और साफ-सफाई के साथ-साथ अन्य आवश्यक सुविधाओं का पूरा इंतजाम हो।

ताहरपुर गौशाला में कुल 175 गौवंश संरक्षित हैं, जो सभी जिओ टैग से लैस हैं। यहां हरा चारा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। वर्तमान में 10 क्विंटल भूसा दान में प्राप्त हुआ है, वहीं 300 क्विंटल भूसा खरीदा गया है। गौशाला की देखभाल के लिए चार केयर टेकर तैनात हैं। गौशाला के साथ 1.2 हेक्टेयर चारागाह भी जुड़ा हुआ है, जिससे पशुओं को हरा चारा मिल रहा है। साथ ही, सहभागिता योजना के तहत 14 पशुपालकों को कुल 26 गाय वितरित की गई हैं। एसएफसी पूलिंग के माध्यम से गौशाला को 3 लाख रुपये की धनराशि भी प्राप्त हुई है, जिसका प्रबंध निदेशक ने उचित उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

वहीं, विकाखखंड टप्पल के अस्थाई गौवंश आश्रय स्थल तकीपुर का निरीक्षण भी किया गया, जहां 80 गौवंश संरक्षित पाए गए। यहां पशुओं की स्वास्थ्य स्थिति अच्छी पाई गई। मौके पर तीन क्विंटल साइलेज उपलब्ध था। गौशाला तार फेंसिंग से पूरी तरह घिरी हुई है। भूसा की स्थिति भी बेहतर है, जहां 400 क्विंटल भूसा खरीदा गया है और 60 क्विंटल भूसा दान के रूप में प्राप्त हुआ है। इस गौशाला में दो केयर टेकर और एक चौकीदार तैनात हैं। इसके अलावा, छह लाभार्थियों को 14 गाय वितरित की गई हैं। गोबर के बदले भूसा प्राप्त करने की भी व्यवस्था की गई है। एसएफसी पूलिंग से 12,480 रुपये की धनराशि का भी समुचित उपयोग पाया गया। निरीक्षण के दौरान केयर टेकर रूम एवं भूसा कक्ष की आवश्यकता महसूस की गई, जिसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, पीडी डीआरडीए भालचंद त्रिपाठी, संबंधित बीडीओ, अन्य अधिकारीगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम प्रधान तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। सभी ने गौशालाओं की बेहतर स्थिति और देखभाल के लिए प्रबंध निदेशक एवं अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की।

















