हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑ 23 मई : 2025
अलीगढ़, 23 मई 2025 – अलीगढ़ मंडल की आयुक्त संगीता सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को कमिश्नरी सभागार में मंडलीय उद्योग बंधु बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में मंडल के चारों जिलों – अलीगढ़, एटा, हाथरस और कासगंज – के उपायुक्त उद्योग, विभागीय अधिकारी और उद्यमी शामिल हुए। बैठक का संचालन संयुक्त आयुक्त उद्योग बीरेन्द्र कुमार ने किया।
मंडलायुक्त संगीता सिंह ने बैठक में कहा कि शासन द्वारा उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला, मंडल और राज्य स्तर पर त्रिस्तरीय व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो प्रकरण जिला स्तर पर सुलझाए जा सकते हैं, उन्हें मंडलीय बैठक में लाने से बचा जाए, ताकि मंडल स्तर की बैठक में गंभीर और उच्चस्तरीय मुद्दों पर ही चर्चा हो सके।
मंडलायुक्त ने उद्यमियों के सुझावों पर संज्ञान लेते हुए निर्देश दिया कि एक जैसे मुद्दों के समाधान के लिए संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों के साथ पृथक बैठकें आयोजित की जाएं। इससे समस्याओं के शीघ्र और प्रभावी समाधान में मदद मिलेगी।
तालानगरी में ईएसआई अस्पताल की शाखा खोलने का निर्देश
बैठक में औद्योगिक क्षेत्र तालानगरी में ईएसआई अस्पताल की शाखा खोले जाने की मांग पर चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने निर्देशित किया कि क्षेत्र के किसी भी ऐसे निजी अस्पताल को ईएसआई से संबद्ध करने हेतु प्रस्ताव जल्द प्रस्तुत किया जाए, जहाँ समुचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों।
निवेश मित्र पोर्टल की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि अलीगढ़ विकास प्राधिकरण ने एक प्रकरण का निस्तारण समयसीमा के बाद किया है, जबकि मंडल के अन्य जिलों में ऐसी कोई स्थिति नहीं है। इस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण समाधान समयसीमा से पहले ही सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में बताया गया कि निवेश मित्र पोर्टल पर अलीगढ़ में 87, एटा में 23, हाथरस में 26 और कासगंज में 9 प्रकरण विभिन्न विभागों में लंबित हैं। इनमें राजस्व, यूपीसीडा, कृषि, श्रम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जैसे विभाग शामिल हैं। मंडलायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित प्रकरणों का शीघ्र, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

मंडलायुक्त ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, ODOP (एक जनपद एक उत्पाद) और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि इन योजनाओं में लक्ष्य के मुकाबले प्रेषण, स्वीकृति और ऋण वितरण की प्रगति अत्यंत धीमी है।
- मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में 469 लक्ष्य के विरुद्ध केवल 122 आवेदन भेजे गए, 17 स्वीकृत हुए और मात्र 7 को ऋण वितरित हुआ।
- ODOP योजना में 236 के सापेक्ष केवल 30 आवेदन भेजे गए, 11 की स्वीकृति और वितरण हुआ।
- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 7800 लक्ष्य के विरुद्ध 3920 आवेदन भेजे गए, जिनमें से 806 स्वीकृत हुए और 599 को ऋण वितरण हुआ।
मंडलायुक्त ने बैंकों की इस लापरवाही पर नाराजगी जताई और कहा कि सरकार की प्राथमिकता स्वरोजगार को बढ़ावा देना है। बैंक जनकल्याणकारी योजनाओं में बाधा न बनें, बल्कि योजनाओं को सुचारु रूप से लागू करने में सहयोग करें। यदि किसी आवेदन में कोई त्रुटि है, तो उसे तुरंत आवेदनकर्ता को सूचित कर दुरुस्त करवाया जाए।
बैठक में उद्योग जगत से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया गया और अधिकारियों को समयबद्ध कार्यवाही के निर्देश दिए गए। बैठक में भाग लेने वाले उद्यमियों ने भी अपने सुझाव और समस्याएं रखीं, जिन पर मंडलायुक्त ने संवेदनशीलता के साथ प्रतिक्रिया दी।
















