हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
खुद को PMO अधिकारी और दूसरा व्यक्ति बॉडीगार्ड बता रहा था, नकली आईडी कार्ड मिलने के बाद खुला मामला
मुंबई, संवाददाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में उस समय हलचल मच गई, जब कार्यक्रम स्थल से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। इनमें से एक ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी बताया था, जबकि उसके साथ मौजूद व्यक्ति ने खुद को उसका बॉडीगार्ड बताया। सुरक्षा जांच के दौरान दोनों की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
मुख्य संदिग्ध की पहचान 24 वर्षीय रोहन पारेख के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, उसके पास PMO अधिकारी होने का दावा करने वाला एक नकली पहचान पत्र मिला। उसके साथ मौजूद व्यक्ति के पास बंदूक भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा जांच के दौरान पहचान और दावों में विसंगति सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों को तत्काल हिरासत में ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार शाम करीब 5:45 बजे मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026 के सातवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। वित्तीय तकनीक पर केंद्रित यह सम्मेलन वैश्विक स्तर पर नीति-निर्माताओं, नियामकों, केंद्रीय बैंकों, वित्तीय संस्थानों, फिनटेक और टेक्नोलॉजी कंपनियों, निवेशकों तथा शिक्षाविदों को एक मंच पर लाता है।
GFF 2026 का फोकस डिजिटल पेमेंट और वित्तीय समावेशन में भारत की भूमिका को मजबूत करने के साथ उभरती तकनीकों को व्यावहारिक परिणामों में बदलने पर है। सम्मेलन में एजेंटिक AI, प्रोग्रामेबल फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसी तकनीकों पर भी चर्चा होगी।
वडोदरा में पीएम मोदी ने युवाओं से किया संवाद
मुंबई कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री मोदी वडोदरा पहुंचे, जहां उन्होंने वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तीन प्रमुख सेक्शन देश को समर्पित किए। 326 किलोमीटर लंबे इन सेक्शनों को 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। इसके अलावा उन्होंने करीब छह हजार युवाओं की मौजूदगी में जेन-जी से 25 मिनट संवाद किया और युवाओं से झूठे दावों व भ्रामक बातों से बचने की अपील की।






















