• Home
  • प्रयागराज
  • मौनी अमावस्या स्नान: कड़ाके की ठंड में संगम तट पर आस्था का महासैलाब
Image

मौनी अमावस्या स्नान: कड़ाके की ठंड में संगम तट पर आस्था का महासैलाब

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:

प्रयागराज। माघ मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाने वाली मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज के संगम तट पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में आस्था की डुबकी लगाई। रविवार 18 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त से ही स्नान का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर शाम तक जारी रहा।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़, करोड़ों के पहुंचने का अनुमान

मौनी अमावस्या को लेकर प्रशासन ने पहले ही अनुमान जताया था कि तीन से चार करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान के लिए पहुंच सकते हैं। अब तक 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पवित्र स्नान करने की पुष्टि की गई है, जबकि लोगों का आना लगातार जारी है। शनिवार शाम तक करीब 1.5 करोड़ श्रद्धालु गंगा और संगम में डुबकी लगा चुके थे।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी, आरएएफ और जल पुलिस को भी संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एटीएस कमांडो, खुफिया एजेंसियां, एआई-सक्षम कैमरे और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

साढ़े तीन किलोमीटर लंबे घाट

माघ मेला अधिकारी ऋषि राज के अनुसार मौनी अमावस्या स्नान के मद्देनजर संगम क्षेत्र में साढ़े तीन किलोमीटर तक घाटों का निर्माण किया गया है। कुल 12,100 फुट लंबे घाटों पर सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी घाट पर ही स्नान करें, जिससे भीड़ का दबाव कम किया जा सके।

यातायात और सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था

मेला क्षेत्र में सुगम यातायात के लिए 42 अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जिनमें करीब एक लाख वाहन खड़े किए जा सकते हैं। श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा 25,000 से अधिक शौचालय, 3,500 से ज्यादा सफाईकर्मी और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था की गई है।

टेंट सिटी और कल्पवास की सुविधा

मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि 800 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले माघ मेले को सात सेक्टरों में बसाया गया है। अल्प अवधि के कल्पवास के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए टेंट सिटी भी बनाई गई है, जहां ध्यान, योग और आध्यात्मिक गतिविधियों की सुविधाएं मौजूद हैं।

मौनी अमावस्या के इस महापर्व पर संगम तट पर उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर आस्था, अनुशासन और प्रशासनिक व्यवस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया।

Releated Posts

46 साल पुराने हत्याकांड में पूर्व विधायक विजय मिश्रा को उम्रकैद

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ एमपी-एमएलए कोर्ट ने सुनाई सजा, चार दोषियों पर लगा जुर्माना प्रयागराज की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट…

ByByHindustan Mirror News May 13, 2026

हाईकोर्ट सख्त: भगोड़े की तलाश में रिश्तेदारों को परेशान करना असंवैधानिक

प्रयागराज। Allahabad High Court ने एक अहम टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी अपराधी की तलाश…

ByByHindustan Mirror News May 2, 2026

प्रयागराज में सनसनीखेज वारदात: भाभी ने सोते हुए देवर का प्राइवेट पार्ट काटा, हालत गंभीर

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली…

ByByHindustan Mirror News Apr 2, 2026

यूपी बोर्ड के स्कूलों में 60 हजार अनुदेशकों की भर्ती, 108 नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम होंगे लागू

प्रयागराज।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने विद्यालयी शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में…

ByByHindustan Mirror News Feb 8, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top