नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा 18 से 22 फरवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। यह दौरा सिर्फ औपचारिक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि रणनीतिक और तकनीकी साझेदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। दिल्ली में 19-20 फरवरी को आयोजित दूसरे एआई इम्पैक्ट समिट में उनकी भागीदारी इस यात्रा को विशेष महत्व देती है। 21 फरवरी को उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिखर वार्ता प्रस्तावित है, जिसमें द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी।
उच्चस्तरीय मुलाकातें और राजनीतिक संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लूला के सम्मान में राजकीय भोज देंगी। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी उनसे मुलाकात करेंगे, जबकि प्रधानमंत्री मोदी उनके सम्मान में दोपहर भोज की मेजबानी करेंगे। इन बैठकों को भारत द्वारा ब्राज़ील को दी जा रही उच्च राजनीतिक प्राथमिकता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
बातचीत का एजेंडा: वैश्विक दक्षिण पर फोकस
दोनों नेता व्यापार से आगे बढ़कर बहुपक्षीय सहयोग, संयुक्त राष्ट्र सुधार, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर साझा रणनीति पर चर्चा करेंगे। भारत और ब्राज़ील लंबे समय से ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने और वैश्विक शासन में सुधार की वकालत करते रहे हैं।
व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग
राष्ट्रपति लूला के साथ 14 मंत्रियों और प्रमुख ब्राज़ीली कंपनियों के सीईओ का प्रतिनिधिमंडल आ रहा है। समानांतर मंत्रिस्तरीय बैठकें और बिजनेस फोरम आयोजित होंगे। ऊर्जा (विशेषकर नवीकरणीय), रक्षा, कृषि, स्वास्थ्य व फार्मा, महत्वपूर्ण खनिज, विज्ञान-तकनीक, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा।
मजबूत पृष्ठभूमि, आगे की रणनीति
भारत और ब्राज़ील 2006 से रणनीतिक साझेदार हैं। लैटिन अमेरिका में ब्राज़ील भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच जी20 सहित कई मंचों पर लगातार संवाद रहा है। यह यात्रा आने वाले वर्षों के लिए स्पष्ट और भविष्यवादी एजेंडा तय करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।


















