हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
NEET, राम मंदिर चढ़ावा विवाद और भ्रष्टाचार के आरोपों पर घेराबंदी, सरकार भी बड़े विधेयकों की तैयारी में
नई दिल्ली। सोमवार से शुरू होने जा रहे संसद के मानसून सत्र के हंगामेदार रहने के संकेत हैं। विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने NEET पेपर लीक, अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी, जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को हटाने, भ्रष्टाचार और विपक्षी दलों को कमजोर करने जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। दूसरी ओर सरकार महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक को आगे बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रही है।
मानसून सत्र से पहले रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई, जिसमें करीब 40 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा और कुल 19 बैठकें होंगी। उन्होंने विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने और मुद्दों पर चर्चा करने की अपील की।
हालांकि सरकार द्वारा जारी आठ प्रस्तावित विधेयकों की सूची में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक शामिल नहीं हैं, लेकिन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर नियमों के तहत बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) से चर्चा के बाद अन्य विधेयक भी लाए जा सकते हैं।
उधर, डीएमके ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया है, लेकिन परिसीमन को लेकर अपनी चिंता दोहराई है। पार्टी का कहना है कि दक्षिणी राज्यों के हितों से समझौता नहीं होना चाहिए। डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने परिसीमन पर अधिक स्पष्टता की मांग की, जबकि एनसीपी (शरद पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने भी सीटों में 50 प्रतिशत वृद्धि का स्पष्ट प्रावधान होने पर चर्चा की संभावना जताई।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष अयोध्या चढ़ावा विवाद, NEET पेपर लीक, एथेनॉल नीति, किसानों, मणिपुर और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगा। उन्होंने परिसीमन पर सभी राज्यों और दलों से व्यापक चर्चा की भी मांग की।













