हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
10 साल बाद सरकार का बड़ा फैसला, 15 हजार से बढ़कर 25 हजार हुई पीएफ वेज सीलिंग; लाखों नए कर्मचारी आएंगे EPF-EPS के दायरे में
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए पीएफ की वेज सीलिंग 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी है। करीब 10 साल बाद हुए इस फैसले से 15,001 से 25,000 रुपये तक बेसिक वेतन पाने वाले लाखों कर्मचारी पहली बार अनिवार्य रूप से ईपीएफ और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के दायरे में आ जाएंगे। यह नियम 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों पर लागू होगा।
हाथ में सैलरी होगी थोड़ी कम
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों की बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत पीएफ के रूप में कटेगा। इससे इन-हैंड सैलरी में कुछ कमी आएगी, लेकिन उतनी ही राशि नियोक्ता भी कर्मचारी के पीएफ खाते में जमा करेगा। इससे रिटायरमेंट के समय मिलने वाला फंड और मासिक पेंशन दोनों बढ़ेंगे।
उदाहरण से समझें असर
यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 22,000 रुपये है, तो अब हर महीने 2,640 रुपये पीएफ में जमा होंगे और कंपनी भी इतनी ही राशि जोड़ेगी। यानी कर्मचारी के पीएफ खाते में कुल 5,280 रुपये प्रति माह जमा होंगे।
वहीं, 25,000 रुपये बेसिक वेतन पाने वाले कर्मचारी का पीएफ पहले 15,000 रुपये की सीमा के अनुसार 1,800 रुपये कटता था। अब पूरी 25,000 रुपये की बेसिक सैलरी पर 12 प्रतिशत यानी 3,000 रुपये पीएफ कटेगा। कंपनी भी इतनी ही राशि जमा करेगी, जिससे कर्मचारी के भविष्य के लिए अधिक बचत सुनिश्चित होगी।
कर्मचारियों और सरकार दोनों पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला बढ़ती महंगाई और वेतन संरचना को देखते हुए लिया गया है। इससे कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी, जबकि कंपनियों को भी पीएफ अंशदान पर अधिक खर्च करना पड़ेगा। साथ ही, कर्मचारी पेंशन योजना में सरकार की हिस्सेदारी बढ़ने से सरकारी व्यय में भी वृद्धि होगी।



















