हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
परिसीमन विधेयक, महंगाई, पेपर लीक और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर घमासान के आसार; सरकार पांच नए विधेयक पेश करने की तैयारी में
नई दिल्ली। संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक और कांग्रेस की शीर्ष नेतृत्व बैठक ने साफ संकेत दिए हैं कि इस बार सदन में तीखी राजनीतिक टक्कर देखने को मिलेगी। कांग्रेस परिसीमन विधेयक, महंगाई, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, भ्रष्टाचार और राजनीतिक दलों को तोड़ने के आरोप जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है, जबकि केंद्र सरकार अपने विधायी एजेंडे के साथ पूरी तरह तैयार है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर परिसीमन विधेयक पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार संशोधित विधेयक लाने की तैयारी कर रही है तो सभी दलों को पहले उसका अध्ययन करने और व्यापक चर्चा का अवसर मिलना चाहिए।
कांग्रेस की चिंता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि उसके कुछ सहयोगी दलों ने परिसीमन विधेयक पर नरम रुख के संकेत दिए हैं। एनसीपी (शरद गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने सीटों में 50 प्रतिशत वृद्धि के आधार पर समर्थन पर विचार की बात कही है, जबकि शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत ने विपक्षी सुझाव शामिल होने पर समर्थन की संभावना जताई है।
उधर, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार पर विपक्षी दलों को तोड़कर दो-तिहाई बहुमत जुटाने का आरोप लगाया और परिसीमन विधेयक का विरोध दोहराया। दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने की मंशा रखने का आरोप लगाया।
सरकार ने मानसून सत्र के लिए अपना प्रारंभिक एजेंडा जारी कर दिया है। इसमें पांच नए और दो लंबित विधेयकों को पेश करने की तैयारी है। हालांकि फिलहाल अस्थायी सूची में किसी संविधान संशोधन विधेयक का उल्लेख नहीं है। सत्र शुरू होने से पहले होने वाली सर्वदलीय बैठक में सरकार सभी दलों को प्रस्तावित विधेयकों की जानकारी देगी।













