• Home
  • UP
  • 55 हजार की सैलरी… 8 साल में 8 करोड़ का घोटाला: पीलीभीत का चपरासी कैसे बना ‘करोड़पति’
Image

55 हजार की सैलरी… 8 साल में 8 करोड़ का घोटाला: पीलीभीत का चपरासी कैसे बना ‘करोड़पति’

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:

पीलीभीत से चौंकाने वाला मामला
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से सामने आए इस मामले ने सरकारी सिस्टम की बड़ी खामियों को उजागर कर दिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में तैनात चपरासी इल्हाम उर रहमान शम्सी ने महज 55 हजार रुपये मासिक वेतन के बावजूद 8 साल में 8.15 करोड़ रुपये का गबन कर लिया। उसकी वैध आय जहां इस अवधि में करीब 80 लाख रुपये होनी चाहिए थी, वहीं जांच में करोड़ों के लेन-देन का खुलासा हुआ।

फर्जी कर्मचारियों का बनाया जाल
इल्हाम ने अपनी चालाकी से वेतन बिल और टोकन जनरेशन जैसे अहम काम अपने नियंत्रण में ले लिए। इसके बाद उसने अपनी तीन पत्नियों—अर्शी, लुबना और अजरा—के साथ-साथ साली, सास और अन्य रिश्तेदारों को कागजों में फर्जी शिक्षक, बाबू और ठेकेदार बना दिया। वह असली शिक्षकों के नाम पर वेतन बिल बनाता, लेकिन रकम रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कर देता था।

53 बैंक खाते और 98 ट्रांजेक्शन
जांच में 53 संदिग्ध बैंक खाते सामने आए हैं, जिनके जरिए 98 बड़े ट्रांजेक्शन किए गए। रकम का बंटवारा भी चौंकाने वाला है—दूसरी पत्नी लुबना के खाते में 2.37 करोड़, तीसरी पत्नी अजरा के खाते में 2.12 करोड़, पहली पत्नी अर्शी को 1.15 करोड़, साली फातिमा को 1.03 करोड़ और सास नाहिद को करीब 95 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।

बैंक की सूचना से खुला राज
घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजर ने संदिग्ध लेन-देन की जानकारी प्रशासन को दी। इसके बाद शुरू हुई जांच में पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। यह मामला दिखाता है कि यदि बैंकिंग सतर्कता न होती, तो यह खेल और लंबे समय तक चलता रहता।

कार्रवाई और आरोपी फरार
पुलिस ने अब तक 7 महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें आरोपी की पत्नियां, साली और सास शामिल हैं। पहली पत्नी पहले ही जेल भेजी जा चुकी है। एडिशनल एसपी विक्रम दहिया के अनुसार, लगभग 5.5 करोड़ रुपये फ्रीज किए जा चुके हैं। आरोपी ने इस अवैध धन से गाजियाबाद, बिजनौर और अलीगढ़ में महंगी संपत्तियां भी खरीदी थीं। फिलहाल मुख्य आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।

सिस्टम पर उठे सवाल
यह मामला न सिर्फ भ्रष्टाचार का उदाहरण है, बल्कि सरकारी तंत्र में निगरानी की कमी को भी उजागर करता है। एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारा इतने बड़े स्तर पर घोटाला करना कई स्तरों पर लापरवाही की ओर इशारा करता है।

Hashtags:
#Corruption #UPNews #FraudCase #GovernmentScam #CrimeNews

Releated Posts

यूपी में 21,508 शिक्षक और अनुदेशकों की होगी भर्ती

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: उच्च प्राथमिक और नगरीय विद्यालयों को मिलेगा नया शैक्षिक बल लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने…

ByByHindustan Mirror News May 18, 2026

योगी मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा, नए मंत्रियों को मिली जिम्मेदारियां

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: लखनऊ: योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के आठ दिन बाद नव नियुक्त मंत्रियों के विभागों…

ByByHindustan Mirror News May 18, 2026

बाल्टी छूने पर दलित किशोर को मुर्गा बनाकर पीटा, जूते में पिलाया पानी, चार पर केस दर्ज

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: कानपुर में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के सचेंडी…

ByByHindustan Mirror News May 17, 2026

लखनऊ में अवैध चैंबरों पर बुलडोजर एक्शन, विरोध के बीच वकीलों पर लाठीचार्ज

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ हाईकोर्ट के आदेश पर 240 अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई लखनऊ में रविवार को…

ByByHindustan Mirror News May 17, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top