हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 5 मई : 2025,
उत्तर प्रदेश में स्कूली वाहनों के ओवरस्पीडिंग को लेकर सख्त कदम उठाए गए हैं। अब अगर कोई स्कूल वैन या बस 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से अधिक दौड़ती नजर आएगी, तो संबंधित स्कूल पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग ने स्कूली वाहन चालकों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाया है और आरटीओ ने वाहन चेकिंग के लिए अपने इंटरसेप्टर का इस्तेमाल करने के आदेश दिए हैं।
यदि किसी स्कूल वैन या बस की गति 40 किमी प्रति घंटा से अधिक पाई जाती है, तो विभाग शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर उस स्कूल की मान्यता रद्द करने की सिफारिश करेगा। दरअसल, स्कूल वैन के ड्राइवर अक्सर स्पीड गवर्नर से छेड़छाड़ कर 70 से 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से वाहन चला रहे हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
चालकों की मनमानी पर होगी सख्त कार्रवाई
आरटीओ प्रवर्तन संदीप कुमार पंकज ने कहा कि स्कूली वाहनों की ओवरस्पीडिंग और क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाना नियमों का उल्लंघन है। इसके लिए स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिक दोनों जिम्मेदार होंगे। बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धेरपकड़ और औचक जांच का अभियान
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ओवरस्पीडिंग की जांच के लिए इंटरसेप्टर का इस्तेमाल किया जाएगा। प्रमुख रूटों पर अफसर उपस्थित रहेंगे, जो ओवरस्पीडिंग की निगरानी करेंगे। इसके साथ ही, शहर के मुख्य स्कूलों के बाहर औचक जांच भी की जाएगी, जिसमें स्पीड गवर्नर की जांच की जाएगी। यह अभियान अगले हफ्ते से शुरू हो सकता है।

















