हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 6 मई : 2025,
अलीगढ़, 6 मई:
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के फाइन आर्ट विभाग द्वारा मुइनुद्दीन अहमद आर्ट गैलरी में वार्षिक कला प्रदर्शनी 2025 का आयोजन भव्य रूप से किया गया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर नइमा खातून ने की, जिन्होंने छात्रों की रचनात्मकता और प्रौद्योगिकी के समन्वय की सराहना करते हुए कहा,
“यह प्रदर्शनी हमारे छात्रों की असीम रचनात्मकता और नवाचार का प्रतीक है। छात्र पारंपरिक कला रूपों के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए अभिव्यक्ति की सीमाओं को नया आयाम दे रहे हैं।”
प्रो. खातून ने यह भी कहा कि आज के युग में कला को तकनीक के माध्यम से एक नई दृष्टि मिल रही है, जो छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना रही है।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में सह-कुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान उपस्थित रहे। उन्होंने प्रस्तुत कलाकृतियों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए आयोजन समिति को इस विस्तृत और दृष्टिगत रूप से समृद्ध प्रदर्शनी के लिए बधाई दी।

फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के डीन प्रो. टी. एन. सतीसन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल माध्यमों की भूमिका पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि फाइन आर्ट्स के छात्र आधुनिक तकनीकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करते हुए पारंपरिक कलाओं में नवीनता ला रहे हैं।
फाइन आर्ट्स विभाग की अध्यक्ष डॉ. तलत शकील ने प्रदर्शनी की समग्रता को रेखांकित करते हुए बताया कि इसमें लगभग 150 कलाकृतियाँ शामिल हैं, जो विविध विधाओं में रची गई हैं। उन्होंने बताया,
“यह संग्रह पारंपरिक और समकालीन कला रूपों का अनूठा मिश्रण है, जिसमें पेंसिल, स्याही, जल रंग, तेल और ऐक्रेलिक चित्र, कोलाज, इंस्टॉलेशन आर्ट, प्रदर्शन कला, डिजिटल और वीडियो कलाकृतियाँ सम्मिलित हैं।”
गैलरी की समन्वयक प्रो. बदर जहां ने बताया कि इस वर्ष की प्रदर्शनी खास इसलिए भी है क्योंकि इसमें शामिल छात्र समकालीन सामाजिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय मुद्दों को अपनी कला के माध्यम से प्रस्तुत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों ने एक नई दृश्यात्मक और वैचारिक शैली अपनाई है, जिससे यह प्रदर्शनी बौद्धिक और सौंदर्यात्मक दोनों ही दृष्टियों से समृद्ध है।
इस अवसर पर कुलपति और सह-कुलपति ने तीन श्रेष्ठ कलाकृतियों को ₹10,000 के नगद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की, जिससे छात्रों को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।
आयोजन सचिव डॉ. वसीम मुश्ताक ने बताया कि यह प्रदर्शनी 5 मई से 11 मई 2025 तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी पारंपरिक और प्रयोगात्मक दृष्टिकोणों का सामंजस्यपूर्ण मेल है, जो नवोदित कलाकारों की रचनात्मक उपलब्धियों को उजागर करता है।

















