हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑ 24 मई : 2025
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियां तेज़ी से शुरू हो गई हैं। अनुमान है कि ये चुनाव अगले वर्ष अप्रैल-मई में संपन्न होंगे। इसके तहत राज्य सरकार ने ग्राम पंचायतों और राजस्व ग्रामों के आंशिक पुनर्गठन की प्रक्रिया को गति दे दी है। शुक्रवार को शासन ने इसके लिए आधिकारिक शासनादेश जारी कर दिया, जिसमें परिसीमन से जुड़ी विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
पिछले पंचायत चुनाव (2021) के बाद प्रदेश में कई ग्राम पंचायतें शहरी क्षेत्रों में शामिल हो गई हैं। इनमें से अनेक क्षेत्रों को नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद और नगर निगमों में तब्दील किया गया या उनके क्षेत्र का विस्तार हुआ। परिणामस्वरूप, कई ग्राम पंचायतों की जनसंख्या 1,000 से कम हो गई है, जो पंचायत गठन के लिए निर्धारित न्यूनतम सीमा है।
क्या कहा गया है शासनादेश में?
- ग्राम पंचायतों को शहरी क्षेत्रों में शामिल किए जाने के बाद उनकी मौजूदा स्थिति का पुनर्मूल्यांकन आवश्यक है।
- 1,000 से कम आबादी वाली पंचायतों को पास की बड़ी ग्राम पंचायतों में शामिल किया जाएगा।
- जिन ग्राम पंचायतों का एक हिस्सा शहरी क्षेत्र में चला गया है और शेष भाग ग्राम पंचायत गठन के मापदंड पूरे करता है, उन्हें नई ग्राम पंचायत के रूप में मान्यता दी जा सकती है।
- एकल राजस्व ग्राम वाली ग्राम पंचायत, यदि आंशिक रूप से प्रभावित है और उसकी जनसंख्या 1000 से अधिक है, तो उसे वर्तमान रूप में बनाए रखा जाएगा।
शासन ने प्रत्येक जिले में चार सदस्यीय समिति गठित की है, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी (DM) करेंगे। इसमें शामिल होंगे:
- जिला पंचायत राज अधिकारी (सदस्य सचिव)
- मुख्य विकास अधिकारी (CDO)
- अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
यह समिति 5 जून 2025 तक ग्राम पंचायतों और राजस्व ग्रामों के पुनर्गठन के प्रस्ताव शासन को सौंपेगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित करेगी कि किसी विकासखंड की संशोधित अधिसूचना लंबित न हो।
नगर निकायों के सृजन और विस्तार पर लगी रोक
प्रदेश सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि पंचायत चुनाव 2026 तक नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद और नगर निगमों के सृजन एवं सीमा विस्तार पर रोक लगा दी जाएगी। इस संबंध में पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार द्वारा नगर विकास विभाग को आधिकारिक पत्र भेजा गया है।
मतदाता सूची और आरक्षण प्रक्रिया में लगेंगे 6 महीने
ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों के मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति क्रमशः:
- ग्राम पंचायत: 26 मई 2026
- जिला पंचायत: 11 जुलाई 2026
- क्षेत्र पंचायत: 19 जुलाई 2026 को हो रही है।
इन्हीं के अनुसार मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य प्रस्तावित है, जिसमें लगभग छह महीने का समय लगेगा। इसके बाद ही:
- वार्डों का निर्धारण,
- पिछड़ी जातियों की जनसंख्या की गणना,
- श्रेणीवार जनसंख्या आंकड़ों का अद्यतन,
- तथा आरक्षण की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
चुनावों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम
शासन ने स्पष्ट किया है कि अगर पंचायत और नगर निकाय क्षेत्रों में लगातार परिवर्तन होते रहेंगे, तो इससे निर्वाचन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए पंचायत चुनाव-2026 तक नगर निकायों से संबंधित सभी गतिविधियां स्थगित कर दी गई हैं।
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। परिसीमन, पुनर्गठन और आरक्षण जैसी प्रक्रियाएं सुनिश्चित करेंगी कि आने वाले चुनाव पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हों। इसके साथ ही, नगर निकायों की सीमाओं में बदलाव पर लगी रोक निर्वाचन कार्यों में किसी प्रकार की बाधा को रोकने का एक अहम कदम है।















