• Home
  • अलीगढ
  • 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ 55 दिनों तक गैंगरेप, 23 साल बाद दलित बेटी को मिला न्याय
Image

13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ 55 दिनों तक गैंगरेप, 23 साल बाद दलित बेटी को मिला न्याय

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:

अलीगढ़ के एक दलित परिवार को 23 साल बाद इंसाफ मिला है। 2002 में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ 55 दिनों तक गैंगरेप हुआ था। उस समय पुलिस ने न केवल आरोपियों को बचाया बल्कि निर्दोषों को जेल भेज दिया। पिता ने 23 वर्षों तक लड़ाई लड़ी और अंततः 15 अक्टूबर 2025 को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 7 दोषियों को 20-20 साल की सजा सुनाई।

घटना की शुरुआत

30 अक्टूबर 2002 को खैर इलाके के पटंचा गांव की 13 साल की बच्ची सुबह घर से निकली लेकिन वापस नहीं लौटी। पिता को अनहोनी का अंदेशा हुआ और उन्होंने गांव के तीन लोगों—साहब सिंह, रामेश्वर और प्रकाश—के खिलाफ FIR दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को हल्के में लिया, कह दिया कि लड़की किसी के साथ भाग गई होगी।

कुछ समय बाद पुलिस ने बौना और पप्पू नाम के दो निर्दोषों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बच्ची का बयान तक नहीं लिया गया। जब पिता ने बयान लेने की बात की, तो उन्हें समझौते और जान से मारने की धमकी दी गई।

हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से खुली सच्चाई

लड़की के पिता ने हार नहीं मानी। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 17 फरवरी 2003 को कोर्ट के आदेश पर बच्ची के बयान दर्ज हुए। तब सामने आया कि 55 दिनों तक लड़की को बंधक बनाकर अलग-अलग जगहों पर कई लोगों ने बेरहमी से रेप किया।

बच्ची ने बताया कि उसे खेत से उठाकर राकेश मौर्य की गाड़ी में डाल दिया गया, जहां दरोगा रामलाल और अन्य मौजूद थे। चार दिन तक उसे खैर के एक गोदाम में रखा गया, फिर अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया। हर दिन नए लोग शराब पीकर उसके साथ अत्याचार करते रहे। बाद में उसे हरियाणा ले जाया गया और अंत में हामिदपुर में छोड़ दिया गया।

पिता की जिद और संघर्ष

पिता को आरोपियों की तरफ से लगातार धमकियां मिलीं। उस समय प्रदेश में बसपा सरकार थी और आरोपी बसपा नेता राकेश मौर्य के दबाव में पुलिस निष्क्रिय रही। रिश्तेदारों और समाज ने भी परिवार को ताने दिए, बेटी के विवाह प्रस्ताव तक टूट गए।

फिर भी पिता ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने 8 बीघा जमीन और अपना घर बेचकर हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल दोबारा करने का आदेश दिया और CBCID जांच सौंपी गई। जांच में कई पुलिस अधिकारी भी दोषी पाए गए।

कोर्ट का फैसला

15 अक्टूबर 2025 को ADJ-1 फास्ट ट्रैक कोर्ट की जज अंजू राजपूत ने 7 आरोपियों को दोषी करार दिया और 20 साल की सजा सुनाई। इनमें दो रिटायर्ड पुलिस अधिकारी, एक इंस्पेक्टर का बेटा और बसपा नेता राकेश मौर्य शामिल हैं।
दोषी इस प्रकार हैं—रामेश्वर, प्रकाश, खेमचंद्र, राकेश मौर्य, जयप्रकाश, रामलाल वर्मा (रिटायर्ड SHO) और बॉबी (इंस्पेक्टर का बेटा)। साहब सिंह की मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी पुत्तूलाल प्रभाकर के खिलाफ मुकदमा अलग से लंबित है।

जमीन विवाद बना गैंगरेप की वजह

पीड़िता के पिता के अनुसार यह सारा अत्याचार उनकी जमीन को हड़पने के लिए किया गया था। हाईवे प्रोजेक्ट में उनकी जमीन आने वाली थी, और आरोपी उस पर कब्जा चाहते थे। विरोध करने पर बेटी का अपहरण कर गैंगरेप किया गया ताकि पिता डर जाएं और जमीन छोड़ दें।

बेटी का जीवन आज भी दर्द से भरा

न्याय के 23 साल बाद भी उस दर्द की यादें परिवार को झकझोर देती हैं। पिता कहते हैं कि बेटी शादी के बाद से 18 साल से घर नहीं लौटी। गांव में लोग उसे ताने देते और अपमानित करते थे। पिता अब कहते हैं, “अब जब इंसाफ मिल गया है, मैं बेटी को घर लाने की हिम्मत कर पा रहा हूं।”

Releated Posts

34 साल, 34 कारनामे… भाजपा ने सपा पर साधा निशाना, कहा- अब फूट रहा ‘पाप का घड़ा’

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : सपा की 34वीं वर्षगांठ पर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने गिनाए कथित कारनामे, रामपुर…

ByByHindustan Mirror News Oct 4, 2026

2027 में पैरवी से नहीं, जमीनी पकड़ और सर्वे से तय होगा भाजपा का टिकट

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों से सबक लेते हुए उम्मीदवार चयन में बदलाव…

ByByHindustan Mirror News Oct 1, 2026

बकाया ई-चालान पर वाहन हो सकता है जब्त

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को वसूली के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए अलीगढ़। सुप्रीम कोर्ट ने…

ByByHindustan Mirror News Oct 1, 2026

रेडिएंट स्टार्स इंग्लिश स्कूल में POCSO Act के प्रति विद्यार्थियों को किया जागरूक

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ : अलीगढ़। रेडिएंट स्टार्स इंग्लिश स्कूल में मंगलवार को विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा एवं उनके…

ByByHindustan Mirror News Sep 29, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *