हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
चार राज्यों की पुलिस को थी तलाश, नाबालिग के अपहरण मामले में था वांछित
मुजफ्फरनगर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हुए 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश सतपाल उर्फ सत्तू की इलाज के दौरान मौत हो गई। कुख्यात अपराधी की तलाश उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों की पुलिस कर रही थी। पुलिस के अनुसार, वह नाबालिग लड़की के अपहरण मामले में वांछित था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।
19 जून को सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने 10 विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस ने करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसके बाद सतपाल उर्फ सत्तू का सुराग मिला। जांच में सामने आया कि वह फरवरी 2026 में पंजाब के लुधियाना जेल से फरार हो गया था।
वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस पर बरसाईं गोलियां
सोमवार देर रात सूचना मिली कि आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में क्षेत्र में मौजूद है। इसके बाद सिविल लाइन थाना पुलिस और एसओजी टीम ने बामनहेड़ी-रुड़की रोड पर वाहन चेकिंग शुरू की। पुलिस के अनुसार, कार रोकने का प्रयास करने पर सत्तू ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हो गया। मुठभेड़ में सब-इंस्पेक्टर अजय गौड़ और सिपाही अंकित भी घायल हुए।
हत्या, लूट, रंगदारी और अपहरण सहित दो दर्जन मुकदमे
पुलिस के मुताबिक, चंडीगढ़ निवासी सतपाल उर्फ सत्तू पर हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी, बलात्कार और गैंगरेप समेत दो दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज थे। वर्ष 2010 में मेरठ पुलिस की कार्रवाई के दौरान उसका नाम छोटा राजन गैंग से भी जोड़ा गया था। वह खुद को रणजी क्रिकेट खिलाड़ी बताकर पहचान छिपाने की कोशिश करता था।
पुलिस का दावा है कि पिछले चार महीनों में उसने विभिन्न राज्यों में 10 से अधिक नाबालिग लड़कियों के अपहरण की घटनाओं को अंजाम दिया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने अपहृत किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। मौके से कार, अवैध पिस्टल, कारतूस, मोबाइल फोन और फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
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