हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
भोपाल-इंदौर :दीवाली के शांत पर्व के बाद मध्य प्रदेश के कई शहरों में कार्बाइड गन के इस्तेमाल से आँखों में गंभीर चोटों की घटनाएँ सामने आई हैं। रिपोर्टों के अनुसार भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में करबाइड गन के कारण लगभग 300 लोग जख्मी हुए जिनमें से करीब 150 लोगों ने अपनी रोशनी गंवा दी। दिल्ली एम्स के नेत्र विभाग में इलाज कराने पहुंचे कम से कम दस मरीजों में कॉर्निया के गलने, अम्नियोटिक झिल्ली को क्षति और आँखों में प्लास्टिक व कार्बाइड के महीन टुकड़ों के चुभने की शिकायतें पायी गईं।
घटनाओं के बाद भोपाल, इंदौर और ग्वालियर प्रशासन ने कार्बाइड गन पर तत्काल रोक लगा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्लास्टिक पाइप और कार्बाइड के मिश्रण से बनती ज्वलनशील गैस और उससे होने वाला तेज धमाका न सिर्फ पाइप के फटने का कारण बनता है, बल्कि निकलने वाले कार्बाइड के महीन कण सीधे आंखों में पहुंचकर कॉर्निया तथा अन्य अंदरूनी ऊतकों को स्थायी नुकसान पहुँचा देते हैं। दिल्ली एम्स की प्रोफेसर डॉ. राधिका टंडन ने बताया कि मद्य प्रदेश से आए कई मरीजों की कॉर्निया गल चुकी है और उनमें कुछ में बाहरी चीज़ों के चुभने व रासायनिक जलन के कारण स्थिति और बिगड़ी है।
कार्बाइड गन बनाते व उपयोग करते हुए वायरल हुए कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलते रहे हैं, जिससे कई स्थानों पर असावधान युवा व बच्चे इसे प्रयोग में लाने लगे। डॉक्टरों ने आगाह किया है कि ऐसे वाहनों/उपकरणों का प्रयोग बेहद खतरनाक है और यह आँखों के साथ-साथ शरीर के अन्य हिस्सों पर भी स्थायी प्रभाव डाल सकता है। प्रशासनिक कदमों के साथ-साथ नेत्र विशेषज्ञ व सुरक्षा एजेंसियाँ सामाजिक स्तर पर जागरूकता अभियान चला कर लोगों से इस प्रकार के प्रयोग नहीं करने की सलाह दे रही हैं।














