हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑ 23 मई : 2025
लखनऊ, 23 मई 2025: उत्तर प्रदेश में 21 और 22 मई की दरमियानी रात कुदरत ने जबरदस्त कहर बरपाया। आंधी और तेज़ बारिश ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। 65 से अधिक जिलों में तबाही मच गई, जिसमें अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है। तेज हवाओं ने पेड़, बिजली के खंभे और मकानों की दीवारें गिरा दीं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई इलाकों में छतें उड़ गईं और खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं।
बुलंदशहर और मेरठ में तूफानी हवाओं का कहर
बुलंदशहर में 89 किलोमीटर प्रति घंटे और मेरठ में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं हवाओं ने भारी तबाही मचाई। घरों की छतें उड़ गईं और बिजली के खंभे गिरने से कई इलाकों में अंधेरा छा गया। आगरा, अलीगढ़ समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे टिन की छतें और छप्पर उखड़ गए।
मौसम विभाग की चेतावनी
लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, अरब सागर में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं की स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। शुक्रवार को 65 से ज्यादा जिलों में फिर से तेज़ हवाएं और बारिश की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में ओले गिरने और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
जानमाल का बड़ा नुकसान
राज्य भर में आंधी-बारिश के कारण दीवारें, पेड़ और बिजली के पोल गिरने से हादसे हुए। अकेले ब्रज क्षेत्र में 17 लोगों की जान चली गई — जिसमें आगरा में तीन, कासगंज में चार महिलाओं समेत छह, एटा में पांच, फिरोजाबाद में दो महिलाएं, टंडला में एक बच्चा शामिल हैं। बदायूं के बिल्सी में दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई।
कानपुर और बुंदेलखंड में 22 की मौत
कानपुर और बुंदेलखंड के जिलों में सबसे अधिक जनहानि हुई है। फतेहपुर में पांच, औरैया में चार, कानपुर नगर और कन्नौज में तीन-तीन, इटावा और कानपुर देहात में दो-दो, झांसी और चित्रकूट में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। मुरादाबाद में एक महिला छत से गिरकर जान गंवा बैठी।
झांसी में 100 पक्षियों की मौत
प्राकृतिक आपदा का असर इंसानों तक ही सीमित नहीं रहा। झांसी की गुरसहाय तहसील के सिंगार गांव में तेज आंधी के चलते करीब 100 तोते और मैना की मौत हो गई, जबकि 30 पक्षी घायल हो गए।
अन्य जिलों में हालात गंभीर
मैनपुरी में 400 से अधिक बिजली के पोल गिर गए। मथुरा और हाथरस में भी पेड़ और पोल टूटे। कासगंज के लहर गांव में आग लगने से झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। अलीगढ़ के बरौला माल गोदाम पर रखा 20,000 मीट्रिक टन चावल उड़ गया। अंबेडकरनगर, अमेठी, अयोध्या, आजमगढ़ और बागपत में भी जानलेवा घटनाएं हुईं। लखनऊ समेत अवध के 12 जिलों में बुधवार देर रात आंधी और बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
बिजली आपूर्ति बाधित
आंधी के चलते हरदुआगंज तापीय विद्युत परियोजना को भी बंद करना पड़ा है, जिससे बिजली आपूर्ति और अधिक प्रभावित हुई है। पूरे राज्य में बिजली कटौती और आपूर्ति बाधित होने की खबरें सामने आ रही हैं।

















