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सरकारी रिकॉर्ड की बड़ी चूक, औरैया की सावित्री देवी न्याय के लिए दफ्तर-दफ्तर भटकने को मजबूर
औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से सरकारी व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। अजीतमल विकासखंड की ग्राम पंचायत रतनपुर गढ़िया के मजरा लाल का पुरवा निवासी 70 वर्षीय सावित्री देवी को सरकारी रिकॉर्ड में वर्ष 2023 में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वह जीवित हैं। इस त्रुटि के चलते उनकी वृद्धावस्था पेंशन पिछले तीन वर्षों से बंद है। अब वह खुद को जीवित साबित करने के लिए लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं।
सावित्री देवी के परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार तहसील, जिला अधिकारी कार्यालय और संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक रिकॉर्ड में सुधार नहीं किया गया। हर बार अधिकारियों की ओर से केवल आश्वासन मिलता है, जबकि पेंशन बहाल नहीं हो सकी। वृद्धावस्था में पेंशन ही उनका प्रमुख सहारा थी, जिसके बंद होने से आर्थिक संकट और बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने उठाए व्यवस्था पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी अभिलेखों में इस तरह की गलतियां पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से वंचित कर देती हैं। उनका मानना है कि समय-समय पर रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को अपने अधिकार के लिए वर्षों तक संघर्ष न करना पड़े।
एसडीएम ने जांच और कार्रवाई का दिया भरोसा
मामले पर अजीतमल के उपजिलाधिकारी निखिल राजपूत ने कहा कि प्रकरण उनके संज्ञान में है और संबंधित विभाग से रिपोर्ट तलब की गई है। यदि जांच में यह स्पष्ट होता है कि अभिलेखों की त्रुटि के कारण महिला को मृत दर्शाया गया है, तो रिकॉर्ड में तत्काल संशोधन कराया जाएगा और नियमानुसार उनकी वृद्धावस्था पेंशन बहाल की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला केवल एक प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि एक जीवित व्यक्ति के अधिकार, सम्मान और सरकारी व्यवस्था की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर प्रश्न भी है।














