हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: बुधवार 02 जुलाई 2025
अलीगढ़ — अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के अरबी विभाग में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रख्यात विद्वान प्रो. अबू सुफियान इस्लाही की आत्मकथा ‘सदाए नहीफ’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर उनके जीवन और कार्यों पर आधारित दो अन्य पुस्तकों — डॉ. अराफात ज़फर की ‘अब्र-ए-गोहर्बार’ और डॉ. उबैद इकबाल आसिम की ‘अबू सुफियान इस्लाहीः खादिम-ए-कुरानियत’ का भी लोकार्पण हुआ।
समारोह की अध्यक्षता के.ए. निजामी सेंटर फॉर कुरआनिक स्टडीज़ के निदेशक प्रो. अब्दुल रहीम किदवई ने की। उन्होंने प्रो. इस्लाही को ज्ञान, नैतिक मूल्यों और अलीगढ़ परंपरा के प्रति समर्पित एक आदर्श शिक्षाविद बताया। मुख्य अतिथि प्रो. जकिया सिद्दीकी ने प्रो. इस्लाही को साहित्य और जीवन के गहरे संवाद में रत एक विचारशील लेखक करार दिया।
विभागाध्यक्ष प्रो. मोहम्मद सनाउल्लाह नदवी ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि प्रो. इस्लाही एएमयू की बौद्धिक विरासत के सशक्त प्रतीक हैं। कार्यक्रम में प्रो. काज़ी जमाल हुसैन, प्रो. तारिक छत्तारी, डॉ. फायज़ा अब्बासी, प्रो. समी अख्तर फलाही, प्रो. उबैदुल्लाह फहद फलाही और प्रो. आसिम सिद्दीकी सहित कई विद्वानों ने पुस्तक की विषयवस्तु, साहित्यिक शैली और बौद्धिक योगदान पर अपने विचार रखे।
प्रो. इस्लाही ने अपने समापन भाषण में गुरुओं, विद्यार्थियों और सहयोगियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने सर सैयद अहमद खाँ, अल्लामा हमीदुद्दीन फराही और प्रो. मुख्तारुद्दीन आरजू के विचारों से अपने बौद्धिक जीवन पर पड़े प्रभाव को भी साझा किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. उबैद इकबाल आसिम ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अहसनुल्लाह ख़ान ने प्रस्तुत किया। समारोह में बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और शोधार्थी उपस्थित रहे।